अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली के दामों में 36 फीसदी बढ़ोतरी करके बाद में 25 फीसदी कम कर दिए। साथ ही उन्होंने जोड़ा कि 200 युनिट तक बिजली के दाम कम करना तब तक मायने नहीं रखता, जब तक बिजली के बिल प्रति माह नहीं आते। उन्होंने कहा कि आजकल के माहौल में किसी का भी 200 यूनिट से कम बिल नहीं आता, सभी का ज्यादा आता है। वे बुधवार को गांव गिल्लाखेड़ा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह यहां पूर्व सीपीएस प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा की माता के निधन पर शोकसभा में भाग लेने के लिए आए हुए थे।
उन्होंने कहा कि बारिश में किसानों की नरमा, धान व बाजरा की फसल खराब हो चुकी है। अब तो धान हरा दिख रहा है, लेकिन 10 दिन बाद जब धूप पड़ेगी तो धान काला दिखने लगेगा। ऐसे में गिरदावरी के आदेश भी किसानों के साथ छलावा हैं। गिरदावरी में अधिकारी हर किसान का नुकसान का आंकलन अलग-अलग प्रतिशत के हिसाब से करेंगे, ऐसे में सरकार को चाहिए कि किसानों को स्पेशल पैकेज जारी करे, ताकि किसानों को हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
हुड्डा ने पेट्रोल डीजल के दामों पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में वैट 9 प्रतिशत था, अब 18 प्रतिशत कर दिया गया। तब पूरे देश में डीजल हरियाणा में सस्ता था। हरियाणा के बार्डरों पर डीजल सस्ता के बोर्ड लगे होते थे, अब सबसे महंगा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि राफेल मुद्दे की सही जांच के लिए सरकार को संयुक्त संसदीय समिति का गठन करना चाहिए, ताकि दूध का दूध पानी का पानी हो सके। इस मौके पर पूर्व मंत्री सुखबीर कटारिया, धर्म सिंह छोक्कर, पूर्व विधायक जरनैल सिंह, पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा सहित अनेक नेतागण मौजूद थे।