अमर उजाला ब्यूरो
रतिया।
इनसो के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला की खालसा कॉलेज में पहुंचने वाली यात्रा से पूर्व ही कॉलेज प्रशासन द्वारा कालेज गेट बंद कर देने और विद्यार्थियों की छुट्टी की घोषणा कर देने से हंगामा हो गया। इनसो कार्यकर्ताओं ने कालेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी और गेट के आगे ही धरना देकर बैठ गए। करीब एक घंटा धरना देने और नारेबाजी करने के बाद कॉलेज प्रशासन ने गेट खोल दिया। इसके बाद दिग्विजय कालेज प्रांगण में जनसभा की ओर छात्रों को संबोधित करके उनकी समस्याएं सुनी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रतिया के खालसा कॉलेज में सोमवार को इनसो द्वारा प्रस्तावित छात्र यात्रा के दौरान जनसभा की जानी थी और इसको लेकर इनसो कार्यकर्ता कई दिनों से तैयारियों में लगे हुए थे। कॉलेज में जनसभा के लिए युवा इनेलो के जिला प्रधान अजय संधु, इनसो जिला अध्यक्ष जतिन खिलेरी, इनेलो प्रवक्ता रमेश लाली सहित सैकड़ों कार्यकर्ता कॉलेज के बाहर खड़े हुए थे। जिला अध्यक्ष अजय सन्धु ने आरोप लगाया कि इसी दौरान कॉलेज प्राचार्य ने कॉलेज की छुट्टी करवा दी और गेट को बंद करवा दिया। जिससे कार्यकर्ताओं में रोष फैल गया और उन्होंने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
करीब एक घंटे तक कार्यकर्ता धरने पर बैठे प्रदर्शन करते रहे, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने गेट खोल दिया। वहीं बाद में कॉलेज प्रांगण में कार्यक्रम करवाने को लेकर इनेलो कार्यकर्ता विधायक रविन्द्र बलियाला के नेतृत्व में प्राचार्य से मिले और कार्यक्रम कॉलेज के अंदर करवाने की अनुमति देने को कहा। इस पर प्राचार्य ने कहा कि कार्यक्रम कॉलेज प्रांगण अंदर करवाने की अनुमति देना उनके हाथ में नहीं है। जिसके बाद भी दिग्विजय चौटाला का कार्यक्रम कॉलेज के अंदर करवाया गया। इस बारे में जब कॉलेज प्राचार्य विकास आनंद से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कॉलेज में कोई छुट्टी नहीं की गई थी व नियमों के अनुसार कॉलेज प्रांगण में राजनीतिक जनसभा करने की अनुमति देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है और बिना परमिशन के ही कॉलेज में राजनीतिक जनसभा की गई है। जिसकी जानकारी उन्होंने शिक्षा विभाग व उच्चाधिकारियों को दे दी है।
वर्जन
इनसो की ओर से कॉलेज प्रशासन को पहले ही कार्यक्रम के बारे में बता दिया गया था। लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के कालेज प्रशासन ने कालेज में छुट्टी कर दी। इसके लिए हमने कालेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लेकिन हमारा प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और कार्यक्रम भी शांतिपूर्ण ही रहा।
- जतिन बिश्नोई, जिलाध्यक्ष, इनसो, फतेहाबाद।