अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
नगर परिषद स्वच्छता रैंकिंग में अच्छे अंक लाने के लाख दावे भी कर रहा है लेकिन शहर की सुंदरता की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। नगर परिषद प्रशासन की कारगुजारी की पड़ताल करने के लिए अमर उजाला संवाददाता ने शहर के अंदर लाखों रुपये की लागत से लगे फव्वारों की स्थिति का जायजा लिया तो पाया कि सौंदर्यीकरण को बढ़ावा देने के लिए बनाए गए फव्वारे कूड़ेदान बने हुए हैं। इससे भी बदहाल स्थिति ये कि लाखों रुपये के फव्वारों को कूड़ेदान की शक्ल देने के बावजूद शहर के अंदर सड़कों पर कचरा खुला पड़ा है और उसमें लावारिस पशु मुंह मारते दिख रहे हैं।
समय : दोपहर 3 बजकर 22 मिनट
स्थान : ताऊ देवीलाल मार्केट फव्वारे
हालात : शहर के बीचोंबीच से गुजर रहे जीटी रोड पर पुराने बस स्टैंड के पास स्थित ताऊ देवी लाल मार्केट में जब लाखों रुपये की लागत से फव्वारे लगाए गए थे तो इस चौक की छटा देखते ही बनती थी। लेकिन ये छटा कुछ ही समय तक रह सकी, क्योंकि फिर उचित देखभाल के अभाव में पहले इन फव्वारों ने काम करना बंद किया और अब तो यहां पर सफाई तक नहीं होती। नगर परिषद के देखभाल के अभाव में अब आसपास के दुकानदार और रेहड़ी चालक अपना कचरा भी इसी फव्वारे की जगह के अंदर डाल जाते हैं।
समय : दोपहर 3 बजकर 30 मिनट
स्थान : फव्वारा चौक
हालात : नगर परिषद कार्यालय के बाहर वाली सड़क के मेन चौराहे को नगर परिषद प्रशासन ने बड़े चाव से फव्वारा चौक का नाम दिया था। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण था यहां पर तकरीबन 5 लाख रुपये की लागत से लगाया गया रंगदार फव्वारा। सालों पहले तत्कालीन डीसी महताब सिंह सहरावत ने यहां पर फव्वारा लगाकर इस सड़क को रात को दर्शनीय बनाने का प्रयास किया था लेकिन इसके बाद नगर परिषद की बेरूखी ने फव्वारा चौक की सारी सुंदरता को ही मानों दागदार करने की ठान ली हो। बीच-बीच में मीडिया में मुद्दा उठता तो कभी-कभार नगर परिषद प्रशासन मिस्त्री की मदद से इस फव्वारे को चालू करवा देता है लेकिन उस समय भी इसका पानी अब बाहर गिरता है। बाकी समय इस फव्वारे की हालत भी किसी डस्टबिन से कम नहीं होती।
समय : दोपहर बाद 3 बजकर 42 मिनट
स्थान : पपीहा पार्क फव्वारा
हालात : शहर के तीसरे और सबसे सुंदर फव्वारों में शुमार रहे टाऊन पार्क के फव्वारे भी अब बीते जमाने की बात हो गए हैं। कभी समय होता था जब सांझ ढलते ही शहर भर से लोग शाम को टाऊनपार्क पहुंचकर यहां के तीन रंग-बिरंगे फव्वारों का आनंद लेते थे। इसकी कलकल करती ध्वनि रोमरोम को आनंदित करती थी। लेकिन धीरे-धीरे हालात बद से बदतर होते चले गए। अब सौंदर्यीकरण के नाम पर इस पार्क में महज घास की कटाई ही होती है, फव्वारों की देखभाल या इन्हें दोबारा चलाने के बारे में तो किसी ने सोचा तक नहीं है। हैरानी की बात तो ये है कि टाऊन पार्क और इसके फव्वारे नगर परिषद अध्यक्ष के ही वार्ड में स्थित हैं।
शहर के कचरा डंपिंग प्वाइंट्स पर भी पर्याप्त नहीं व्यवस्था
कहने को नगर परिषद ने शहर के अंदर अनेक जगह डंपिंग प्वाइंट्स बना दिए हैं लेकिन इनकी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। जगह जगह पर छोटे-छोटे एक-एक कूड़ेदान रखे गए हैं जिनकी क्षमता काफी कम हैं। जबकि इनमें पूरे पूरे मोहल्ले का कचरा डाला जाना होता है। अभी तक सिर्फ भूना रोड़ डंपिंग प्वाइंट को छोड़कर बाकी डंपिंग प्वाइंट्स की चारदीवारी का मामला भी अटका हुआ है। शहर के अंदर सफाईकर्मियों की कमी इसके पीछे एक बड़ा कारण है।
वर्जन
स्वच्छता सर्वेक्षण के मद्देनजर हम पूरी तैयारी में जुटे हैं। इसके तहत शहर के प्रत्येक हिस्से की सफाई होगी। इसमें फव्वारों का सौंदर्यीकरण भी प्रमुख है। इस समस्या का जल्द समाधान करेंगे।
- अमन ढांडा, नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी, फतेहाबाद।