कष्ट निवारण समिति के नए अध्यक्ष की तलाश शुरू, विज पहली पसंद
फतेहाबाद।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद सीपीएस सीमा त्रिखा के इस्तीफा देने के बाद फतेहाबाद कष्ट निवारण समिति का अध्यक्ष पद भी खाली हो गया है। इसी के साथ अब गेंद फिर से प्रदेश सरकार के पाले में है कि वो किसे कष्ट निवारण समिति का अध्यक्ष बनाकर फतेहाबाद भेजती है। सीपीएस त्रिखा से पहले स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज फतेहाबाद कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष थे और उनके कार्यकाल को फतेहाबाद के लोग बहुत याद करते हैं। फतेहाबाद के अधिकतर लोग विज को ही बतौर कष्ट निवारण समिति अध्यक्ष वापस चाहते हैं। हालांकि सरकार अभी इस मामले में सोच-विचार करके ही कोई नाम तय करेगी। लेकिन इस बीच इतना तय लग रहा है कि इस बार भी फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक शायद नहीं होगी। पिछले माह भी कष्ट निवारण समिति की बैठक सीपीएस सीमा त्रिखा के ना आ पाने के कारण अंतिम समय में स्थगित करनी पड़ी थी।
सीपीएस ने एक अफसर पर भी नहीं की कार्रवाई
जब तक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष थे, उनकी अध्यक्षता वाली प्रत्येक बैठक ने सुर्खियां बटोरी। कई बार उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई तो फूड इंस्पेक्टर को भी निलंबित कर दिया था। इतना ही नहीं, कई बार ऐसे मामले भी सामने आए जिसमें शिकायतकर्ता को ही फर्जी शिकायत करने के लिए कार्यवाही का सामना करना पड़ा। इसके उलट सीपीएस सीमा त्रिखा ने बतौर कष्ट निवारण समिति की अध्यक्षा बहुत नरम रवैया अपनाया। उन्होंने बैठक को खुले हाल से निकालकर वापस सचिवालय के बैठक कक्ष में पहुंचा दिया। इतना ही नहीं, उनकी अध्यक्षता में हुई तकरीबन चार बैठकों में एक बार भी किसी अधिकारी पर गाज नहीं गिरी। इतना ही नहीं, हुडा की जमीन पर अवैध कब्जे का मामला लगातार चार बैठकों में जारी रहा।
पूरे देश में गूंजा था विज और एसपी संगीता कालिया का गेट-आउट विवाद
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और तत्कालीन एसपी संगीता कालिया के बीच का बहुचर्चित विवाद फतेहाबाद में कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान ही हुआ था। इसी बैठक में नशे से जुड़े एक मसले की सुनवाई करते समय स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने तत्कालीन एसपी संगीता कालिया को गेट-आउट कह दिया था और उनके इंकार करने पर मंत्री विज खुद ही बैठक छोड़कर निकल गए थे। बाद में प्रदेश सरकार ने विज के दबाव में एसपी संगीता कालिया का तबादला कर दिया था।
ये है समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग
जब तक स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष थे, ऊपर से लेकर नीचे तक के अधिकारी शिकायतों के सही समाधान के प्रयास करते थे। लेकिन उनके जाने के बाद फिर से पुरानी परेशानियां शुरू हो गई। बेहतर होगा कि सरकार अनिल विज को ही दोबारा कष्ट निवारण समिति की कमान सौंप दे।’
- हरदीप सिंह, अध्यक्ष, समाजसेवी संस्था, जिंदगी’
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अगर फतेहाबाद में दोबारा कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष के तौर पर आते हैं तो फतेहाबाद के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। उनका स्टाइल सबसे जुदा है। वो तुरंत फैसला लेने में विश्वास रखते हैं। लोगों की समस्याएं सुलझाने के लिए ऐसी ही कमिटमेंट की जरूरत होती है।’
- विनोद कड़वासरा, जिला अध्यक्ष, पीपुल्स फॉर एनिमल, फतेहाबाद।
अध्यापकों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर सरकार और जिला प्रशासन से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। कई बार स्कूलों से जुड़ी झूठी शिकायतें कष्ट निवारण की बैठक में आती हैं जो जांच में भी झूठी मिलती हैं लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। अनिल विज अगर कष्ट निवारण समिति के अध्यक्ष बनते हैं तो ऐसे झूठे शिकायत कर्ताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की उम्मीद रहेगी।’
- देवेंद्र सिंह दहिया, संगठन सचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ संघ।
22एफटीबीपी08 : हरदीप सिंह, अध्यक्ष, समाजसेवी संस्था, %जिंदगी’
22एफटीबीपी09 : विनोद कड़वासरा, जिला अध्यक्ष, पीपुल्स फॉर एनिमल, फतेहाबाद।
22एफटीबीपी10 : देवेंद्र सिंह दहिया, संगठन सचिव, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघक संघ ।