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नशा तस्करी के खिलाफ संत गोपालदास ने निकाली तिरंगा यात्रा

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फतेहाबाद। राष्ट्रीय गोरक्षक संत गोपालदास ने रविवार को जिले में नशा विरोधी मुहिम का आगाज किया। संत गोपालदास के नेतृत्व में जिले के सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने फतेहाबाद में तिरंगा यात्रा निकाली। इसके बाद वह लघु सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए। जब ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार आए तो संत गोपालदास डीसी को ज्ञापन देने की बात पर अड़ गए। डीसी के बाहर होने पर एसडीएम, डीडीपीओ व तहसीलदार ने मिलकर संत गोपालदास से ज्ञापन लिया।
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प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक काफिले के साथ संत गोपालदास ढिंगसरा, मानावाली, भोडिय़ाखेड़ा होते हुए फतेहाबाद स्थित आंबेडकर पार्क में पहुंचे। यहां से शहीद भगत सिंह ब्रिगेड की टीम, प्रवीन काशी, सामाजिक कार्यकर्ता हरदीप सिंह, निर्मल सिवाच, नौरंग सिंह, बबलू यादि सहित कई अन्य सामाजिक संगठन पदाधिकारियों को साथ लेकर यह काफिला पैदल मार्च करते हुए लाल बत्ती चौक, फव्वारा चौक, थाना रोड, जवाहर चौक, डीएसपी रोड, खेमाखाती रोड, भूना रोड व जीटी रोड से होता हुआ लघु सचिवालय पहुंचा। इस तिरंगा यात्रा में गांव ढिंगसरा के अलावा आसपास की सैकड़ों महिलाएं, युवतियों व पुरुषों ने डीसी को जगाना है, नशा बंद करवाना है, सरकार को जगाना है, नशे से युवाओं को बचाना है, आगे आएं बहन और भाई, नशों के खिलाफ करें लड़ाई जैसे नारे लगाते हुए नशा तस्करी के खिलाफ मोर्चा खोला।
लघु सचिवालय के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर धरना देकर बैठे जनसमूह को संबोधित करते हुए संत गोपालदास ने कहा कि क्षेत्र में हालात बेहद गंभीर हैं। आज किसी मां ने इस नशे की वजह से जवान बेटा खो दिया, किसी बहन ने अपना भाई तो किसी नवजात बच्चे को तो अपने पिता का चेहरा देखना तक नसीब नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कहीं न कहीं इस नशा तस्करी में प्रशासनिक स्तर पर भी ढील रही है, यदि ऐसा न होता तो इतनी तेजी से यह नशा हर घर के युवा को अपनी चपेट में न लेता। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी और नशाबंदी को लेकर उनका यह आंदोलन जिला फतेहाबाद तक सीमित नहीं है, यह एक राष्ट्रीय जन आंदोलन बनेगा, जिसका बिगुल फतेहाबाद से बजाया गया है। उन्होंने कहा कि नशा तस्करी पर पूर्ण विराम लगाने का समय आ गया है, इसके लिए वे 5 जुलाई से लघु सचिवालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठेंगे।
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एसपी को ज्ञापन देने के लिए राजी नहीं हुए गोपालदास
लघु सचिवालय में संत गोपालदास के नेतृत्व में जब तिरंगा यात्रा में शामिल लोग लघु सचिवालय पहुंचे तो प्रशासनिक स्तर पर पीएम के नाम ज्ञापन लेने नायब तहसीलदार विजय बब्बर मौके पर आ गए। इस पर ग्रामीण भड़क गए और उन्होंने डीसी धीरेन्द्र खड़गटा को ही ज्ञापन देने की मांग उठाते हुए लघु सचिवालय भवन प्रवेश द्वार के बाहर धरना दे दिया। इसके बाद डीडीपीओ अनुभव मेहता को डीसी के बाहर होने का हवाला देकर ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन उन्हें भी ज्ञापन देने से ग्रामीणों ने मना कर दिया। प्रशासनिक स्तर पर एसपी को विजय प्रताप सिंह को ज्ञापन लेने बुलाने की बात आई तो महिलाएं बिफर गईं और उन्हें ज्ञापन न देने की बात कही। धरना देकर बैठीं युवतियों, महिलाओं व ग्रामीणों ने स्पष्ट चेताया कि यदि डीसी ज्ञापन लेने नहीं आए तो वे आज से ही संत गोपालदास के साथ यहां धरना शुरू कर देंगी। करीब डेढ़ घंटे बाद एसडीएम सुरजीत नैन मौके पर पहुंचे और उन्होंने अन्य अधिकारियों संग ज्ञापन लिया।
एसपी के ढिंगसरा में जाकर भी ग्रामीणों से न मिलने पर दिखी नाराजगी
प्रशासनिक स्तर पर भी संत गोपालदास के रविवार सुबह ढिंगसरा से लघु सचिवालय तक तिरंगा यात्रा की घोषणा के बाद पुलिस प्रशासन ने भी 30 जून को ही ढिंगसरा से भट्टू तक नशा जागृति साइकिल यात्रा का कार्यक्रम रखा था। लघु सचिवालय पहुंचे ढिंगसरा के ग्रामीणों में एसपी के प्रति इस बात को लेकर खासी नाराजगी दिखी कि वे ढिंगसरा में जाकर भी ग्रामीणों से नहीं मिले। उनका यह भी आरोप है कि संत गोपालदास की तिरंगा यात्रा को असफल करने मात्र की मंशा से एसपी ने ढिंगसरा से साइकिल यात्रा रखी।
गर्मी में भी डटे रहे बच्चे, बूढ़े और जवान
भयंकर गर्मी भी इस पैदल मार्च में भागीदार बने बच्चे-बूढ़े और जवान। यहां तक कि दिव्यांग महिलाओं तक के हौसले को प्रभावित न कर सकी। वहीं शहीद भगत सिंह ब्रिगेड टीम के निर्मल सिवाच, रजत वर्मा, गौरव कुमार, लवप्रीत रंधावा, नौरंग सिंह बनावली, रवि वर्मा, बबलू यादव आदि ने पूरे रास्ते तिरंगा यात्रा में शामिल लोगों के लिए जल सेवा की।
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