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फतेहाबाद: छापे से नाराज हुए जिले के 152 लैब संचालक, भटकते रहे मरीज

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फतेहाबाद के पपीहा पार्क के बाहर धरना देकर प्रदर्शन करते हुए लैब संचालक। 
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फतेहाबाद। जिलेभर के लैब संचालकों ने बुधवार को हरियाणा मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के नेतृत्व में फतेहाबाद के पपीहा पार्क के बाहर धरना दिया। इसके बाद शहर में प्रदर्शन करते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। अस्पताल के अंदर चल रही लैब बंद होने से मरीजों को परेशानी हुई।
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जिलेभर में करीब 152 आउटडोर व इंडोर मेडिकल लैब चल रही है। जजपा के चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिवाच ने हड़ताल का समर्थन करते हुए कहा कि लोगों को आंदोलन करने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए।
लैब के लिए डॉक्टर हायर करेंगे तो महंगे होंगे टेस्ट
धरना दे रहे हरियाणा मेडिकल लेबोरेट्री टेक्नोलॉजिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजीव सेतिया ने कहा कि सरकार से मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा और डिग्री कर रखी है। लंबे समय से इस काम लगे हुए हैं। सरकार की नीतियों के अनुसार लैब पर एमबीबीएस डॉक्टर होना चाहिए और रिपोर्ट पर उनके हस्ताक्षर होने चाहिए। अगर लैब संचालक डॉक्टर के साथ अनुबंध करेंगे तो टेस्ट महंगे हो जाएंगे और इसका बोझ जनता पर पड़ेगा। सरकार लेबोरेट्री मेडिकल काउंसिल बनाकर बेसिक लैब को रजिस्टर्ड करवाए।
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आज इंडोर और आउटडोर खुलेंगी लैब
मेडिकल लैब वीरवार को खुलेंगी। प्रदेशाध्यक्ष राजीव सेतिया ने बताया कि प्रदेश के अन्य जिलों के पदाधिकारियों से बैठक के बाद आगे की रणनीति को लेकर निर्णय लिया जाएगा। अभी फिलहाल एक दिन की ही हड़ताल की गई थी।
सीएम फ्लाइंग के छापे के बाद हुआ था हंगामा
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने मंगलवार रात को बीघड़ रोड पर स्थित कन्हैया लेबोरेट्री पर छापेमारी की थी। टीम में डॉक्टर भी शामिल थे। जांच के दौरान टीम को मौके पर डॉक्टर, पैथोलॉजिस्ट नहीं मिला था। इसके अलावा अन्य खामियां मिली थी। सूचना के बाद मौके पर शहर के मेडिकल लैब संचालक पहुंच गए थे और छापेमारी को गलत बताते हुए नारेबाजी शुरू कर दी थी। करीब ढाई घंटे तक हंगामा चला था। सीएम फ्लाइंग ने डॉक्टर द्वारा किए गए निरीक्षण की रिपोर्ट सिविल सर्जन को भेज दी थी।
अस्पताल आए मरीज, टेस्ट बिना हुए परेशान
अस्पताल में दवाई लेने के लिए आया था, डॉक्टर ने टेस्ट लिखकर दिए हैं, लेकिन लैब बंद होने से टेस्ट नहीं हो पाए हैं। टेस्ट के बिना बीमारी का पता नहीं चल पाया। अब उन्हें दोबारा आना पड़ेगा।
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-ओमप्रकाश, निवासी गांव दैयड़

निजी अस्पताल में उपचार लेने के लिए आया था और डॉक्टर कुछ टेस्ट लिखे हैं। अस्पताल के अंदर और बाहर की लैब बंद मिली। -राजबीर, निवासी भोड़िया खेड़ा
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