अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
जिला परिषद चेयरमैन गीता नांगली द्वारा भाजपा छोड़कर इनेलो में शामिल होने के घटनाक्रम के बाद पहली बार आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक में इसका असर साफ तौर पर देखने को मिला। बैठक की शुरुआत से ही बीजेपी पार्षद युक्ति गोदारा जिप चेयरमैन गीता नांगली पर हावी होने का प्रयास दिखी और इसमें वह कामयाब भी रही। इसी के फेर में उन्होंने जिला परिषद के सीईओ डा. विनेश को भी कई बार आड़े हाथों ले लिया। हालांकि इस बैठक के दौरान भूना शुगर मिल को दोबारा से शुरू करवाने को लेकर सरकार के पास प्रस्ताव भेजने के निर्णय को सर्वसम्मति से मंजूरी भी मिली और कई अन्य मुद्दों पर भी एक राय बनी लेकिन लगभग चार घंटे तक चली मैराथन मीटिंग में युक्ति गोदारा द्वारा जिप चेयरपर्सन गीता नांगली, उनके पति कृष्ण नांगली व जिप के सीईओ डा. विनेश पर छोड़े गए उनके शब्द बाण ही छाए रहे। एक बार तो हंगामे से आजिज आकर जिप सीईओ ने मीटिंग छोड़कर जाने का फैसला भी कर लिया लेकिन युक्ति के पलटवार से वो मन मसोस कर वहीं बैठे रह पाए।
कृष्ण नांगली से एजेंडा डिस्कस करने पर भड़की युक्ति, बोली, यू इज कृष्ण
मीटिंग की शुरुआत में बैठक की कार्यवाही का संचालन कर रहे सीईओ डा. विनेश ने जिप चेयरमैन गीता नांगली के पति कृष्ण नांगली से उनकी गाड़ी के ड्राइवर की नियुक्ति को लेकर रखा मुद्दा डिस्कस करना शुरू किया तो इससे वार्ड नंबर पांच की बीजेपी पार्षद युक्ति गोदारा भड़क उठी। उन्होंने डा. विनेश पर सवाल दागा कि यू इज कृष्ण। आपको जिप चेयरपर्सन गीता नांगली से ये बात पूछनी चाहिए थी ना कि उनके पति कृष्ण नांगली से। इस पर युक्ति ने महिला सशक्तीकरण पर सरकारी दावों का लंबा-चौड़ा लेक्चर भी दिया। बाद में डा. विनेश ने अपनी गलती मान भी ली लेकिन युक्ति गोदारा उनकी इस हरकत को बैठक के मिनट्स में शामिल करवाने पर अड़ गई। सीईओ डा. विनेश ने इसे भी मान लिया और उनकी कृष्ण नांगली से चर्चा व युक्ति के ऐतराज को ऑन रिकार्ड ले लिया गया।
वीडियोग्राफी न होने पर युक्ति फिर उलझी जिप प्रशासन से, बुलवाना पड़ा वीडियोग्राफर
जिप बैठक के दौरान युक्ति गोदारा ने पिछली मीटिंग की वीडियो जिला परिषद की वेबसाइट पर अपलोड न होने का कारण पूछा तो उन्हें जवाब मिला कि वीडियो का साइज काफी ज्यादा होने के कारण इसे अपलोड नहीं किया जा सका। इस पर युक्ति ने एक बार फिर डा. विनेश को घेरा और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के डिजीटल इंडिया की याद दिला दी। इतने पर भी युक्ति गोदारा का गुस्सा शांत नहीं हुआ और उन्होंने मौजूदा बैठक की वीडियोग्राफी ना होने का मुद्दा उठा दिया। युक्ति के तेवर देखकर जिप प्रशासन ने बैठक के दौरान ही आनन-फानन में वीडियोग्राफर बुलाकर बैठक की वीडियोग्राफी शुरू करवा दी।
हंगामे से आजिज सीईओ ने बनाया बैठक छोड़ने का मन, जाने नहीं दिया गया
जिला परिषद की बैठक में व्याप्त हंगामे से आजिज होकर सीईओ डा. विनेश ने एक बारगी तो बैठक से उठकर चले जाने का मन बना लिया। वह अपनी सीट से ये कहते हुए उठ भी गए कि आप लोग बैठक कर लें, मैं बाद में आकर हस्ताक्षर कर दूंगा। लेकिन इस पर पार्षदों ने इसे सदन का अपमान मानते हुए उन्हें बैठक में शामिल रहने को चेताया। जिसके बाद सीईओ बैठक में ही मौजूद रहे।
नांगली के पाला बदलने के बाद थी पहली बैठक, शामिल रहे सभी 18 जिला पार्षद
जिप चेयरपर्सन गीता नांगली द्वारा भाजपा को छोड़कर इनेलो में शामिल होने के बाद के घटनाक्रम के बाद यह पहली बैठक थी। इस पर सभी की नजरें लगी हुई थी। किसी भी संभावित स्थिति से निबटने के लिए प्रत्येक दल के सभी जिप पार्षद अपनी पूरी तैयारी करके बैठक में पहुंचे थे। सोमवार को हुई बैठक में अध्यक्षा गीता नांगली के अलावा, उपाध्यक्ष कमला भुक्कर, अनिल गोरछिया, सतपाल शर्मा, सुनीता, सुशीला देवी, युक्ति गोदारा, राजेश कस्वां, सुरजीत ओड, बीबो इंदौरा, मंदीप कौर, रामचंद्र सहनाल, रामदास, विजेंद्र सिवाच, अजय मेहता, जगदीश चंद्र, अवतार सिंह और बलजीत कौर शामिल थे।
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इन मुद्दों पर बनी सहमति
1. पार्षद विजेंद्र सिवाच व रामदेव टिब्बी ने ये प्रस्ताव अध्यक्ष गीता नांगली के समक्ष रखा। गीता नांगली ने सभी पार्षदों की स्वीकृति के बाद इसे पास कर दिया और सरकार को शुगर मिल चलाने के लिए ये प्रस्ताव भेज दिया।
2. जिप चेयरपर्सन की गाड़ी के ड्राइवर के लिए आए 160 आवेदनों की स्कू्रटनी करके रोडवेज अधिकारियों के तकनीकी टैस्ट लिया जायेगा।
3. सीएल ग्रांट से आए 90 लाख रुपये से वाटर कूलर और वाटर टैंकर खरीदे जाएंगे। इसके लिए कमेटी बनाई गई लेकिन अभी इसके सदस्य नहीं बनाए गए। 4 सदस्यों की संख्या रखी गई।
4. टोहाना में जिला परिषद की दुकानों से आने वाले किराया पूरा नहीं आ रहा। उसे तुरंत प्रभाव से पूरा किराया वसूला जाए। फिलहाल पंचायत समिति का शेयर जाने की बात कही गई थी।
5. जो पूर्व में बैठक हुई, उस बैठक में हुए कामों की अनुशंसा करनी थी जिसे सभी ने सर्वसम्मति से कर दिया गया।
6. जो विकास कार्य 75 फीसदी पूरा हो चुके हैं, उनकी अंतिम 25 फीसदी ग्रांट जारी करने के मुद्दे पर निर्णय लिया गया कि संबंधित गांव की पंचायत या सरपंच उस जगह पर बोर्ड लगाकर जानकारी देगा कि जिप पार्षद ने अपनी ग्रांट से ये विकास कार्य करवाया है।