बारिश ने बिगाड़ा रसोई का बजट, आसमान पर पहुंचे सब्जियों के दाम
टमाटर 60 रुपये किलो के स्तर पर तो टिंडे और मिर्च में भी प्रति किलो 20 रुपये का उछाल
एक माह तक भावों में और बढ़ोतरी की आशंका, उपभोक्ता-दुकानदार दोनों परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
बारिश से मिली राहत के बदले अब उपभोक्ताओं को अपनी जेब हल्की करनी पड़ रही है। पूरे प्रदेश में बारिश के चलते सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। खासकर रोजाना काम में आने वाली सब्जियों के दामों के सबसे बुरे हाल हैं। सब्जियों के इन अनाप-शनाप दामों से उपभोक्ता तो परेशान हैं ही, साथ ही दुकानदार भी दुखी हैं। मंडी विशेषज्ञों की मानें तो सब्जियों के दामों में ये बढ़ोतरी अगले एक माह तक जारी रह सकती है और इतना ही नहीं, अगले दो-तीन दिन में सब्जियों के दामों में और इजाफा होने की भी आशंका है।
उपभोक्ताओं की जेब ढीली, खाने का स्वाद हुआ फीका
सब्जियों के दामों में एकाएक आई बढ़ोतरी ने सारा बजट ही बिगाड़ दिया है। पहले आमतौर पर सप्ताह की सब्जी 200 रुपये तक आ जाती थी, लेकिन अब वही सब्जी 300 रुपये से पार जा रही है। ऐसे में पूरे माह में सिर्फ सब्जी-सब्जी का बजट ही 12 सौ के पार जा रहा है।
सपना कटारिया, उपभोक्ता, फतेहाबाद।
महंगी सब्जी खरीदने का ही मन नहीं होता। मजबूरी के कारण खरीदनी पड़ती है। इतने अधिक दामों का सब्जी की मात्रा पर जरूर असर पड़ा है। पहले जो टमाटर हम एक बार में दो किलो खरीद लेते थे, अब वो महज आधा किलो पर आ गया है। हैरानी इस बात की अचानक से सब्जियों के दाम डेढ़ से दो गुना बढ़ गए अैार किसी सरकार का कोई ध्यान ही नहीं है।
प्रेम आहुजा, उपभोक्ता, फतेहाबाद।
सब्जी के रेट अचानक से बढ़े हैं, इसके पीछे वजह चाहे कुछ भी हो, लेकिन इतना तय है कि नुकसान आम आदमी को ही होगा। उसका ही बजट बिगड़ा है। मंडी वाले भी अपने पैसे पूरे कर लेते हैं और दुकानदार भी। पिसता आम आदमी है। भले ही कई सब्जियां जो कोल्ड स्टोर में ही क्यों ना पड़ी हों। घर का बजट ही बिगड़ गया है।
विकेश श्रीधर, उपभोक्ता, फतेहाबाद।
दुकानदारों की भी सुनिए, पड़ी है दोहरी मार
दुकानदारों को हर कोई चोर समझता है। लेकिन हमारे नुकसान की ओर कोई नहीं देखता। बारिश के कारण बेल वाली सब्जियों को नुकसान हुआ है और इसी कारण से दाम बढ़े हैं। लेकिन सबको लगता है कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से दाम बढ़ाए हैं। अब मंडी से ही माल महंगा मिलेगा तो आगे सस्ता कैसे बेच देंगे।
कालूराम, सब्जी विक्रेता।
पीछे से ही सब्जियां महंगी आ रही हैं। दरअसल मंडी में टमाटर, भिंडी, टिंडे आदि की फसल काफी कम आ रही है और इसी कारण से लगातार महंगी हो रही है। महंगी लेकर आएंगे तो आगे भी इसी रेट पर बेची जाएगी। सरकार दुकानदारों की ओर भी ध्यान दे ताकि दुकानदार और रेहड़ी चालक भी अच्छे से कमा सकें।’
मदन लाल, सब्जी विक्रेता।
सब्जियों के दाम हमारे हाथ में नहीं होते। मंडी के व्यापारी और किसान ही तय करते हैं। हमें मंडी भाव पर लागत, दुकान का खर्च और थोड़ी बहुत बचत भी देखनी होती है। भाव बढने का नुक्सान दुकानदारों को ज्यादा होता है। सब्जियों की डिमांड और लेने की मात्रा काफी कम हो जाती है। कई बार तो दुकान पर रखी सब्जी बेचना ही मुश्किल हो जाता है।’
शाम लाल, सब्जी विक्रेता।
बारिश के सीजन तक सब्जियों के दामों में बढ़ोतरी जारी रहने की आशंका
सब्जी मंडी के अध्यक्ष विजेंद्र सैनी की मानें तो बारिश का सीजन शुरू होते ही सब्जियों के दाम बढ़ जाते हैं। इसके पीछे बारिश के चलते फसलों को होने वाला नुकसान सबसे बड़ी वजह है। दरअसल बारिश के कारण फसल का नुकसान होता है जिससे फसल सामान्य के मुकाबले काफी कम होती है। अब मंडी में अगर सब्जी की फसल आएगी ही कम तो उसके दाम ज्यादा होने स्वभाविक हैं।
सब्जियां भाव (मंगलवार) ।।भाव ( एक सप्ताह पहले)
टमाटर 60 रुपये 45 रुपये
गोभी 50 रुपये 30 रुपये
करेला 30 रुपये 20 रुपये
टिंडा 60 रुपये 40 रुपये
भिंडी 35 रुपये 20 रुपये
पेठा 20 रुपये 10 रुपये
मिर्च 45 रुपये 30 रुपये
सभी भाव प्रति किलो के हिसाब से हैं।
04एफटीबीपी21 : सपना कटारिया
04एफटीबीीपी 22: प्रेम आहुजा
04एफटीबीपी26 : विकेश श्रीधर
04एफटीबीपी33 : कालूराम
04एफटीबीपी 34: मदन लाल
04एफटीबीपी35 : शाम लाल
04एफटीबीपी36 : फतेहाबाद में एक सब्जी की रेहड़ी पर सब्जी लेने पहुंचा ग्राहक मोल भाव करते हुए।