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टेंडर रद करने के लिए 15 पार्षदों ने किए हस्ताक्षर

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नगर परिषद में आयोजित खुले दरबार में शिकायतें सुनते प्रधान दर्शन नागपाल। - फोटो : Fatehabad
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शहर में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रित करने और कंपोस्ट खाद बनाने के टेंडरों को लेकर चल रहे विवाद में आखिरकार दोनों टेंडरों को रद्द कर दिया गया है। मंगलवार को नगर परिषद कार्यालय में आयोजित हुए खुला दरबार से पहले टेंडरों को रद्द करने की करवाई गई नोटिंग पर 15 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर दिए। अहम बात यह रही कि महिला पार्षदों में से सिर्फ दो ही ज्योति मेहता और नेहा मितल पहुंची। इसके अलावा अन्य पार्षद प्रतिनिधियों ने खुद ही हस्ताक्षर कर दिए। पार्षदों की ओर से रद्द करने की सिफारिश आने के बाद नप अधिकारियों ने प्रक्रिया के तहत कार्रवाई शुरू कर दी। अब नए सिरे से नई शर्तों के साथ नप टेंडर जारी करेगा। लेकिन अब नए सिरे से टेंडर जारी होने में समय लग सकता है।
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मामले के मुताबिक नगर परिषद ने शहर की सफाई व्यवस्था के लिए डोर-टूू-डोर कूड़ा इकट्ठा करने और कंपोस्ट खाद बनाने के लिए टेंडर जारी किया था। ये टेंडर एक जनवरी को खुलना था। लेकिन 31 दिसंबर को पांच पार्षदों ने लिखित में देकर टेंडर रद्द करने की सिफारिश कर दी थी। इसके बाद से मामले ने तूल पकड़ रखा था। नप अधिकारी न ही रद कर रहे थे और न ही खोल रहे थे। मामला विधायक दुड़ाराम के पास पहुंचा तो विधायक ने रविवार को अधिकारियों को रद्द करके नए सिरे जारी करने के आदेश दिए थे।
स्वच्छता सर्वेक्षण को झटका :
नगर परिषद स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर टेंडर जारी करना चाहता था ताकि सफाई व्यवस्था को सुचारू किया जा सके। इसके चलते नप ने दो टेंडर जारी किए थे। फतेहाबाद नप की शर्तों पर भूना और रतिया ने टेंडर जारी किया था। फतेहाबाद का टेंडर विवादों में फंस गया जबकि रतिया और भूना ने टेंडर खोल दिया। नप को अब खुद के पास मौजूद संस्थानों से ही काम चलाना पड़ेगा।
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पहले खींच रहे थे कुर्सी अब एक साथ सुनी शिकायतें
नप प्रधान दर्शन नागपाल ने मंगलवार को कार्यालय में खुला दरबार लगाया। इस दौरान उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति भी मौजूद रही। इसके अलावा पार्षद नेहा मित्तल, ज्योति मैहता, नरेश बजाज, वजीर जाखड़, सतीश चराईपोत्रा, अनिल गर्ग, प्रतिनिधि दीपू टुटेजा, रणजीत ओढ़, मनोज नारंग, प्रमोद ग्रोवर, मनोहर कुक्कड़, महेश मक्कड़, राजकुमार सैनी, ईओ जितेंद्र, कुमार सौरभ आदि मौजूद थे। खुला दरबार में 21 शिकायतें पहुंची। अहम बात यह रही कि पांच दिन पहले प्रधान और उपाध्यक्ष एक-दूसरे की कुर्सी खींच रहे थे, उन्होंने एक साथ बैठकर शिकायतें सुनी। इनमें सबसे ज्यादा शिकायतें प्रॉपर्टी आईडी को लेकर और प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर थी। इसके अलावा पांच शिकायतें सफाई व्यवस्था को लेकर रही। नप प्रधान मौके पर दो ही शिकायतों का निपटारा करवा पाए। इसके अलावा तीन शिकायतें लाइटों को लेकर रही। अधिकारियों ने कहा कि लाइटें अभी आनी है। इसके बाद ही वार्ड को दी जाएंगी।
टेंडर रद्द करने के लिए 15 पार्षदों ने लिखित में दे दिया है। अधिकारियों को नोटिंग की कॉपी दे दी गई है। टेंडर अब नई शर्तों के मुताबिक जारी किया जाएगा। - दर्शन नागपाल, प्रधान, नप
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