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सीएम की घोषणा चढ़ी सिरे, अगले माह से प्रदेश के 15 लाख बच्चों को मिड-डे मील में मिलेगा फ्लेवर्ड दूध
- शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों से मांगी विद्यार्थियों की संख्या और दूध की डिमांड
- दिसंबर में सीएम मनोहर लाल ने फतेहाबाद में की थी घोषणा, हफ्ते में तीन दिन मिलेगा 2 सौ ग्राम
अमित रूखाया
फतेहाबाद ।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों को मिड-डे मील में दूध मिलने का रास्ता साफ हो गया है। शिक्षा विभाग के निदेशालय ने इस संदर्भ में प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर आठवीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की संख्या और इसके लिए खपत होने वाले दूध की संभावित मात्रा की डिमांड भी मंगवा ली है। अभी तक एक दर्जन के करीब जिलों ने शिक्षा निदेशालय को ये जानकारी भेज दी है। फतेहाबाद के उपजिला शिक्षा अधिकारी दयानंद सिहाग ने इसकी पुष्टि की है। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गत वर्ष 15 दिसंबर को फतेहाबाद में आयोजित रैली में इसका ऐलान किया था। सात माह बाद ही सही, लेकिन सरकार की घोषणा आखिर सिरे चढ़ने जा रही है।
हर बच्चे को मिलेगा दो सौ एमएल दूध
शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार प्रत्येक जिले के सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जाता है। अब तक इसमें खाने के लिए रोटी-सब्जी के अलावा विभिन्न दिनों में खीर, काले चने, पुलाव, खिचड़ी आदि दिया जाता रहा है। लेकिन शिक्षा विभाग का मानना था कि पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों का शरीर बढ़ता है, ऐसे में दूध की मदद से उन्हें सारे पौष्टिक तत्व आसानी से एक ही बार में उपलब्ध करवाए जा सकते हैं। जिसके बाद जाकर मिड-डे मील में दो सौ एमएल दूध परोसने की योजना अस्तित्व में आई और सीएम मनोहर लाल ने पिछले साल दिसंबर में इसका बकायदा ऐलान फतेहाबाद रैली से किया था। सरकार की इस पहल से प्रदेश भर के स्कूलों में पढ़ रहे तकरीबन 15 लाख से अधिक बच्चों को सीधा फायदा होगा।
सादा दूध पीने में बच्चे हिचक सकते, इसलिए फ्लेवर्ड दूध होगा सर्व
सरकार ने मिड-डे मील में सादे दूध की बजाए फ्लेवर्ड दूध सर्व करने की योजना बनाई है। दरअसल ये आम धारणा है कि छोटी उम्र के बच्चे सादे दूध को पीना पसंद नहीं करते। कहीं इस वजह से सारी योजना ही खटाई में ना पड़ जाए, इसके लिए फ्लेवर्ड दूध का विकल्प तैयार किया गया है। फ्लेवर्ड दूध के कारण बच्चे इससे इंकार नहीं करेंगे।
स्थानीय स्तर पर होगी खरीद या अफसर स्कूलों में भेजेंगे दूध, संशय बरकरार
सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों में मिड-डे मील में दूध परोसने की कागजी कार्रवाई तैयार तो हो चुकी है लेकिन अभी तक ये साफ नहीं हो सका है कि स्कूल मुखिया अपने स्तर पर दूध की खरीद करेंगे और जिला या प्रदेश मुख्यालय से सीधा दूध स्कूलों में डिलिवर किया जाएगा। इसको लेकर स्कूलों में भी संशय की स्थिति बनी हुई है और इस बारे में बात करने पर अधिकारी सिर्फ उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेने की बात कह रहे हैं।
ये है प्रदेश के जिलों में पहली से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या
जिला विद्यार्थी
अंबाला 54280
भिवानी 93085
फरीदाबाद 73015
फतेहाबाद 73943
गुरूग्राम 81256
हिसार 99979
झज्जर 36221
कैथल 75338
करनाल 92699
कुरुक्षेत्र 60020
महेंद्रगढ़ 42140
नूंह 151166
पलवल 83653
पंचकूला 40421
पानीपत 64543
रेवाड़ी 42189
रोहतक 42321
सिरसा 100432
सोनीपत 73181
यमुनानगर 66667
कुल 1530828
वर्जन
इस संदर्भ में शिक्षा निदेशालय से निर्देश आए थे। इसके बाद सभी स्कूलों के विद्यार्थियों की संख्या और दूध की डिमांड मांगी गई है। उम्मीद है कि अगले माह से मिड-डे मील में दूध वितरित करने के आदेश आ जाएं।’
- दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।
26एफटीबीपी16 : दयानंद सिहाग, उपजिला शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद ।