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ढिंगसरा गोचर भूमि विवाद में ग्रामीणों के पक्ष में सलीब पर चढ़ गए संत गोपालदास, शहर में निकाला रोष प्रदर्शन

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ढिंगसरा गोचर भूमि विवाद में ग्रामीणों के पक्ष में स्लैब पर चढ़ गए संत
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गोपालदास, शहर में निकाला रोष प्रदर्शन
- लालबत्ती चौक से जवाहर चौक तक निकाला जलूस, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, समर्थकों ने की नारेबाजी
- पत्रकारों से बातचीत में सरकार पर साधा निशाना, देश-प्रदेश की गोचरण भूमि खाली करवाने की उठाई मांग
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद । देश-प्रदेश में गोचरण भूमि को खाली करवाने एवं गो अभ्यारण बनाने की मांग को लेकर अनशन और आंदोलन कर रहे संत गोपालदास बुधवार को फतेहाबाद जिले में पहुंचे और ढिंगसरा गोचर भूमि विवाद को लेकर आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के धरने-प्रदर्शन में शामिल हुए। इस दौरान अपनी मांगों को लेकर संत गोपाल दास ने एक पिकअप जीप पर लगभग दस फुट से अधिक ऊंचे बनाए गए सलीब पर ईसा मसीह की तरह लटक कर शहर में प्रदर्शन किया। सलीब पर लगे बैनरों मेें ‘प्रजातंत्र फांसी पर’, ‘जीने दो और जियो’, ‘संविधान को लेकर संत सूली पर’ के बोर्ड लगे थे। प्रदर्शन में ढिंगसरा के ग्रामीण महिला पुरुषों के अलावा, शहीद भगत सिंह ब्रिगेड, राष्ट्रीय जन कल्याण मंच, जिंदगी संस्था के कार्यकर्ताओं व हरियाणा राज्य गो शाला संघ के प्रदेशाध्यक्ष शमशेर आर्य ने भी शिरकत की। प्रदर्शन लालबत्ती चौक से शुरू होकर जवाहर चौक तक चला। जवाहर चौक में संत गोपाल दास व अन्य प्रदर्शन कारियों ने एसडीएम सतबीर जांगू को ज्ञापन सौंपा। इससे पूर्व लाल बत्ती चौक स्थित अम्बेडकर पार्क में पत्रकारों से बात करते हुए संत गोपाल दास की ओर से उनके समर्थक अशोक पूनियां भाजपा सरकार पर जम कर बरसे। उन्होंने बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा के समक्ष संविधान की प्रति रखकर कहा कि यह सरकार बाबा साहब द्वारा बनाए गए कानून को ही नहीं मानती इसलिए हम दलित संत को संविधान लौटा रहे है। क्योंकि इस देश में संविधान की कोई वैल्यू नहीं है। संत गोपाल दास की ओर से अशोक पुनियां ने कहा कि सरकार गाय को कचरा निस्तारण मशीन और वोट बटेरू मशीन समझती है। संत बोले कि अगर लालू यादव ने चारा खाया तो भाजपा सरकार चारागाह खाने पर आमादा है। उन्होंने कहा सीएम और पीएम विदेश यात्राएं कर रहे हैं। उन्हें देखना चाहिए कि किसी भी देश में गाय सड़क पर नहीं है और न ही किसी ने चारागाह की जमीन पर कब्जा किया है। अगर गुजरात में चारागाह विकास बोर्ड बन सकता है तो देश में केन्द्रीय चारागाह बोर्ड क्यों नहीं बन सकता। अनशन व कमजोरी के चलते बोलने में कठिनाई महसूस कर रहे संत की तरफ से बात रखते हुए अशोक पूनिया ने कहा कि गोचर की भूमि का सीएलयू नहीं हो सकता और न ही यह भूमि नीलाम की जा सकती है। हरियाणा में 26 लाख एकड़ भूमि गोचर भूमि है। इसके लिए गोचर विकास आयोग बने। इस भूमि पर या तो सरकार का या भू-माफिया का कब्जा है। गाय पॉलीथिन खाने पर मजबूर है। 2 जूृन से अनशन पर चल रहे संत गोपाल दास ने वीरवार सुबह 10 बजे से रोहतक के मान सरोवर पार्क से दिल्ली तक चलने वाली यात्रा के लिए समर्थन की अपील की। इस अवसर पर ढिंगसरा के पूर्व सरपंच सुभाष जाखड़, गो शाला प्रधान ठाकुर निगे सिंह, हरदीप सिंह, मनोज ढाका, सुनील कुमार, निर्मल सिवाच, महावीर जाखड़, देवी लाल डूडी, सज्जन कुमार, पृथ्वी सिंह, भागाराम, महेन्द्र राव, सत्यप्रकाश शर्मा यशपाल आदि मौजूद थे।

26एफटीबीपी14: फतेहाबाद पहुंचे संत गोपालदास तबियत खराब होने के चलते गाड़ी में लेटे लेटे ही आए ।
26एफटीबीपी 17: फतेहाबाद की अम्बेडकर पार्क में पत्रकारों से बात करते संत गोपालदास व उनके समर्थक ।
26एफटीबीपी19-20 : फतेहाबाद में फव्वारा चौक व थाना रोड़ पर सलीब पर चढ़े हुए संत गोपाल दास प्रदर्शन करते हुए।
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