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मुकदमा खारिज करने के मामले में रिश्वत लेने के आरोपी एएसआई, हवलदार सहित तीन लाइन हाजिर

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
रिश्वत के आरोपों में फंसे रतिया के एएसआई महेंद्र सिंह को पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने लाइन हाजिर कर दिया है। इसी तरह अपनी ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में रतिया के ही दो अन्य पुलिसकर्मियों को भी पुलिस विभाग ने लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने इस मामले की जांच डीएसपी रविंद्र तोमर को सौंपी है।
बीते दिन रतिया के वार्ड नंबर-14 निवासी इंदू राम उर्फ राजेंद्र ने आरोप लगाया था कि कुछ दिन पहले वार्ड नंबर-14 के ही जसविंद्र सिंह ने उसके उसके भाई के साथ मार पिटाई की थी और उनके खिलाफ ही थाने में झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया था। इस मामले में जब हमने पुलिस कर्मचारियों से झूठा मुकदमा होने की बात कही तो पुलिस के एक कर्मचारी उनके घर आया और और उनसे मुकदमा खारिज करने की एवज में रिश्वत की डिमांड की। इंदू राम ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई से डरते हुए पुलिस के एक कर्मचारी को 12 हजार रुपये दिए। लेकिन फिर भी मुकदमा कैंसिल नहीं हुआ। इस मामले में आज पीड़ित के साथ जग्गू मिस्त्री व पूर्व मंत्री रामस्वरूप रामा एसपी से मिले। एसपी ने तुरंत प्रभाव से एएसआई महेंद्र सिंह को रिश्वत के आरोप में व हवलदार धर्मपाल तथा एक अन्य पुलिस कर्मचारी को ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया है।
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इसकी पुष्टि करते हुए डीएसपी रविंद्र तोमर ने बताया कि रतिया के एएसआई महेंद्र को रिश्वत लेने के आरोप व बाकी दोनों पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर किया गया है। दोनों मामलों की जांच शुरू की है, जल्द ही रिपोर्ट एसपी फतेहाबाद को भेजी जाएगी।
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