फतेहाबाद। पानी बचाओ अभियान, मेरा पानी मेरी विरासत के अंतर्गत फसल चक्र अपनाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 8,000 रुपये का अनुदान अभी तक नहीं मिला है। योजना का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देना और भूजल स्तर में सुधार करना है।
इसके तहत किसानों को धान के बजाय कम पानी वाली फसलें उगाने पर प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिले में इस योजना के तहत 1,305 किसानों ने 6,464 एकड़ भूमि के लिए आवेदन किया था, जिसमें से 504 किसानों की सत्यापन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। किसानों ने अपनी भूमि पर धान की फसल छोड़कर नरमा, बाजरा और मूंग की फसल उगाई थी।
पिछले साल 225 किसानों ने 294 एकड़ में फसल परिवर्तन किया था। अनुदान राशि में हो रही देरी से किसानों को रबी की फसलों पर खर्च का प्रबंध करने में कठिनाई हो रही है। किसान चांदी राम, ओमप्रकाश, विजय सिंह और मेहरचंद ने बताया कि उन्होंने सरकार की अपील पर भरोसा करके अपनी फसलें बदल दीं, लेकिन समय पर राशि न मिलने से निराशा है।
किसान संगठन पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति और भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि फसल विविधीकरण के अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार को वादे के अनुसार राशि तुरंत जारी करनी चाहिए। इस विलंब से न केवल किसानों की मेहनत पर असर पड़ रहा है, बल्कि जल संरक्षण अभियान की गति भी धीमी हो सकती है।
:: फसल चक्र की अनुदान की राशि जल्द ही किसानों के खातों में हस्तांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि प्रदेश सरकार की ओर से यह राशि जल्द जारी हो। कृषि विभाग की ओर से वेरिफिकेशन का काम जारी है।
-डॉ. राजपाल, तकनीकी सहायक कृषि एवं कल्याण विभाग, फतेहाबाद।