गांव में जांच करने पहुंची टीम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के गांव टिब्बी के तालाब में मृत मिली 12 साइबेरियन बतखों (बार हेडेड गूज) के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। बतखों के मरने की सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग व वन्य प्राणी विभाग की टीम ने सोमवार को गांव में पहुंचकर जांच की। टीम ने मृत दो बत्तखों के सैंपल ले लिए, जबकि शेष 10 बतखों को मिट्टी में दबा दिया। नमूने जांच के लिए हिसार लैब भेजे जाएंगे।
लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारण का पता लग सकेगा। हालांकि, ग्रामीणों ने बर्ड फ्लू की आशंका जताई गई है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने बर्ड फ्लू जैसी बीमारी से इनकार किया है।
गौरतलब है कि रविवार शाम को ग्रामीणों ने दूषित पानी के तालाब में बतखों के शव देखे। ग्रामीणों ने सरपंच को इस बारे में अवगत कराया। सरपंच ने फौरन इसकी सूचना पशुपालन विभाग व वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों को दी। इसके बाद सुबह पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक डॉ. काशीराम, वन्य प्राणी विभाग से इंस्पेक्टर जयविंद्र व पशुपालन विभाग से वेटरनरी सर्जन डॉ. राजाराम, डॉ. सुमित कुमार टीम के साथ गांव पहुंचे। टीम ने मृत बतखों को तालाब से बाहर निकाला और सैंपल लिए।
अन्य जगह पर भी मिल सकती हैं मृत बतखें
वन्य प्राणी विभाग के इंस्पेक्टर जयविंदर नेहरा ने कहा कि हो सकता है कि आसपास खेतों में गेहूं की फसल पर किसी ने स्प्रे किया हो, क्योंकि मृत मिलने वाली ये बतख गेहूं की फसल खाती हैं। ऐसे में आसपास गेहूं के खेतों में भी ऐसे मृत पक्षी पाए जा सकते हैं। इसे लेकर टीम ने आसपास खेतों को भी देखा। इसके अलावा टीम ने ग्रामीणों से भी निगरानी को कहा है।
हिमाचल प्रदेश में पाई जाती हैं ऐसी बतखें
नेहरा ने बताया कि यह बतखें हिमाचल प्रदेश में पाई जाती है, जो सर्दी के सीजन में यहां आ जाती हैं। प्रथम दृष्टि में बर्ड फ्लू जैसी कोई बीमारी नहीं लग रही है, बाकी रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। रिपोर्ट में जो भी कोई समस्या होगी, उसका निराकरण किया जाएगा।