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सिर्फ कागजों में है पुलिस का महिला सुरक्षा का दावा, जिले में किसी कालेज-स्कूल के बाहर नहीं पीसीआर

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अमित रूखाया
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फतेहाबाद।
बुधवार शाम अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएसपी रविंद्र तोमर महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, ठीक उसी समय जिलेभर के गर्ल्स स्कूल और कॉलेज की छात्राएं छुट्टी के बाद डर के साये में घर जाती दिखीं। डर हो भी क्यों ना, जिस फतेहाबाद पुलिस के जिम्मे जिले की छात्राओं की सुरक्षा का जिम्मा है, पूरे जिले में उस फतेहाबाद पुलिस की एक भी गाड़ी किसी गर्ल्स स्कूल या कॉलेज के आगे गश्त लगाते नहीं दिखती। बुधवार को 'अमर उजाला टीम’ ने जिले के तीनों उपमंडलों में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर पुलिसिया दावों की सत्यता जांचने के लिए एक रियल्टी चैक किया।

फतेहाबाद शहर के किसी गर्ल्स स्कूल या कॉलेज के बाहर नहीं मिली पीसीआर
स्थान : एमएम कॉलेज
समय : दोपहर दो बजकर 17 मिनट
हालात : फतेहाबाद के प्रमुख शिक्षण संस्थान एमएम कॉलेज में करीब दो हजार से अधिक छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं। बुधवार दोपहर को कॉलेज से काफी संख्या में छात्र-छात्राएं निकल रहे थे, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था जीरो ही दिखी। बस स्टैंड चौकी एवं गुरुनानक पुरा चौकी के बीचोंबीच स्थित एमएम कॉलेज के बाहर न तो कोई पीसीआर सुरक्षा दिखी और न ही बाइक राइडर्स नजर आए। यहां पर पहले भी कई बार लड़कों के दो गुटों में लड़ाई-झगड़े भी हो चुके हैं।
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स्थान : मनीराम गोदारा गर्ल्स कॉलेज, भोडियाखेड़ा
समय : दो बजकर 40 मिनट
हालात : यहां पर कॉलेज के बाहर व गली के बाहर बस स्टाप पर अक्सर कॉलेज की छात्राएं खड़ी रहती हैं, जिन्हें ये शिकायत रहती है कि इन दोनों जगहों पर अक्सर मनचले बाइक-कार आदि पर आकर उन्हें छेड़ते हैं। इसके चलते यह तय किया गया था कि गर्ल्स कॉलेज के बाहर एक पीसीआर तैनात की जाएगी ताकि छेड़छाड़ पर अंकुश लगे। लेकिन बुधवार को गर्ल्स कॉलेज के बाहर भी कोई सुरक्षा नहीं दिखी।

स्थान : राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, फतेहाबाद
समय : तीन बजकर 25 मिनट
हालात : वाल्मीकि चौक हमेशा से ही फतेहाबाद शहर का सबसे संवेदनशील इलाका रहा है। इसी के पास स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अक्सर ये देखा जाता है कि तय समय से दस से पंद्रह मिनट पहले ही गर्ल्स स्कूल की छुट्टी कर दी जाती है ताकि साथ लगते ब्वायज स्कूल की छुट्टी एक साथ न हो। ऐसा छेड़छाड़ व अन्य अप्रिय घटनाओं को टालने के लिए किया जाता है। ऐसे में सबसे संवेदनशील जगह पर भी महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की कोई उपस्थित नहीं दिखी। स्कूल के बाहर निकलती छात्राओं की सुरक्षा के लिए ना तो यहां कोई पीसीआर दिखी और ना ही बाइक राइडर्स।

स्थान : राजकीय कन्या हाई स्कूल (मंदिर वाला स्कूल)
समय : दोपहर तीन बजकर 35 मिनट
हालात : भीवांबस्ती के अंदर रघुनाथ धर्मशाला के पास स्थित प्रसिद्ध मंदिर वाले स्कूल के पास आजतक कभी पीसीआर या बाइक राइडर्स को तैनात नहीं किया गया। ये गर्ल्स हाई स्कूल है और करीब 4 सौ से अधिक लड़कियां यहां पर पढ़ती हैं। कई बार यहां स्कूल के पास अप्रिय घटनाएं हो चुकी हैं, इसके बावजूद पुलिस प्रशासन चेता नहीं है।

रतिया में स्कूल स्टाफ को खड़ा होना पड़ता है गेट पर
रतिया। रतिया शहर में स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यायल के आसपास स्कूल टाइम व छुट्टी के समय पर कभी किसी पुलिसकर्मचारी या पीसीआर को खड़े नहीं देखा गया। विद्यालय प्राचार्य निशा गर्ग की मानें तो स्कूल प्रशासन द्वारा इस बारे में पुलिस विभाग को कई बार सूचित भी किया गया है। लेकिन फिर भी पुलिस विभाग ने इस बारे में गंभीरता नहीं दिखाई। स्कूल छुट्टी के समय प्राचार्य स्टाफ के साथ गेट पर खड़े होकर छात्राओं को रवाना करते हैं।

टोहाना में भी गर्ल्स स्कूल-कॉलेज के बाहर पुलिस के यही हालात
टोहाना। जिलेभर में गर्ल्स स्कूल-कॉलेजों के बाहर पुलिस पीसीआर की जो स्थिति है, टोहाना भी उसका अपवाद नहीं है। टोहाना में दुर्गा महिला महाविद्यालय है, लेकिन यहां पर भी पुलिस गश्त न के बराबर है। इसी तरह राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के बाहर जितने मर्जी मनचले बाइक पर घूमते रहें, लेकिन पुलिस पर कोई फर्क नहीं पड़ता। बुधवार को 'अमर उजाला पड़ताल ' में भी यही बात ही निकल सामने आई। स्कूल व कॉलेज के सामने कोई पुलिस सुरक्षा नहीं दिखी।
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'मैं इस तरह के मामलों के लिए एक विशेष रणनीति बनाने में जुटा हूं जल्द ही ये सबके सामने रखेंगे। फिलहाल जिला पुलिस द्वारा लगातार गश्त की जा रही है। पार्क, बस अड्डा, महिला कॉलेज और छात्राओं के लिए स्कूलों पर विशेष नजर रखते हुए महिला सुरक्षा को लेकर गश्त को बढ़ाया जाएगा। सादी वर्दी में भी महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। हेल्प लाइन नंबर 1091 की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। अगर छात्राओं या महिलाओं को कहीं पर किसी प्रकार की समस्या आती है तो 100 नंबर पर पुलिस कंट्रोल रूम में भी सूचित करें।’
दीपक सहारण, जिला पुलिस अधीक्षक, फतेहाबाद।
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