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किसान संगठनों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ भरी हुंकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद।
अखिल भारतीय किसान सभा व किसान यूनियन द्वारा मध्यप्रदेश में किसानों पर हुए अत्याचार के खिलाफ दूसरे दिन भी जारी रहा। लघु सचिवालय पर दिया जा रहा धरने में किसानों पर गोली चलाने के खिलाफ, किसानों की कर्ज माफी, मध्यप्रदेश सरकार को बर्खास्त करने, डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, पशु क्रूरता अधिनियम में किए गए संशोधन का मामले पर मांग चल रही है।
आज दोनों किसान संगठनों ने एकजुट होकर धरना दिया और भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की। अध्यक्षता किसान सभा के भूना प्रधान मुंशीराम चौबारा, किसान यूनियन नेता हंसराज सिवाच ने संयुक्त रूप से की व संचालन अंग्रेज सिंह बुवान ने किया। किसान सभा के जिला प्रधान रामस्वरूप ढाणी गोपाल व किसान यूनियन के नेता अजय झाझड़ा एडवोकेट ने कहा कि मध्यप्रदेश में शुरू हुआ आंदोलन अब निर्णायक दौर में है। 16 जून को राष्ट्रीय आह्वान के तहत फतेहाबाद में भी आंदोलन को तेज होगा।
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उन्होंने कहा कि नेता, प्रशासन व अधिकारी यदि किसानों की समस्याओं को ठीक-ठाक सुन भी लें तो भी बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो सकता है। किसान का मंडी में फसल बिक्री के समय शोषण होता है, नकली खाद-बीज, बिजली आदि समस्याएं किसानों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। आजादी के 70 साल बाद आज तक सत्ता में रही सरकारों ने किसानों को वोट बैंक के तौर पर देखा है। कृषि को बर्बाद करने वाली नीतियां लागू करने के कारण आज किसान कर्ज के जंजाल में फंसता जा रहा है। किसान को पशुधन से कुछ आय होती थी लेकिन अब भाजपा सरकार पशु बिक्री पर रोक लगाकर किसानों के सामने नई समस्याएं पैदा कर दी हैं।
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गोरक्षा के नाम पर सरकार ने गुण्डों को खुली छूट दे रखी हैं। आए दिन तथाकथित गौभक्त पशुपालकों को डरा-धमका रहे हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा की किस्ते जबरदस्ती बैंकों के माध्यम से काटी जा रही हैं। इन विकट परिस्थितियों में भाजपा चुनाव में स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करने के किए गए वायदे से भी अब पीछे हट रही है और सुप्रीम कोर्ट में इसे लागू न करने का हलफनामा भी दे चुकी है। भाजपा सरकार की इन्हीं कृषि विरोधी नीतियों के चलते आज देशभर में किसानों को आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। जब सरकार पूंजीपतियों के कर्ज माफ व टैक्स में छूट दे सकती है तो देश के अन्नदाता को क्यों नहीं। धरने को किसान सभा के जिला सचिव रामसिंह एडवोकेट, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र गोरखपुर, राजू जाखड़, जिया लाल कैथल, बलबीर दहिया ढाणी डूल्ट, सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह, कोषाध्यक्ष राजकुमार निराणियां, जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली, धर्मपाल एडवोकेट, एसएफआई राज्य अध्यक्ष शहनवाज ने भी संबोधित किया।

किसान संगठनों ने एकजुट हो सरकार के खिलाफ भरी हुंकार, धरना जारी
राष्ट्रीय आह्वान के तहत 16 को आंदोलन को किया जाएगा तेज



14एफटीबीपी01 : फतेहाबाद के लघु सचिवालय के बाहर धरना देते किसान सभा व किसान यूनियन के सदस्य।
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