फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में खून जांच के लिए लगी मरीजों की भीड़
फतेहाबाद। दूध-दही खानपान वाले प्रदेश में भी लोगों के शरीर में खून की कमी हो रही है। बच्चों से लेकर युवतियां व महिलाओं में खून की कमी मिल रही है। लोगों को एनीमिया मुक्ति करने के लिए स्वास्थ्य विभाग इस बार 11 जून से 100 दिन के लिए एनीमिया मुक्त अभियान शुरू करने जा रहा है। इस अभियान की शुरुआत पहले 5 जून से होनी थी लेकिन इसे अब 11 जून से शुरू किया जाएगा।
एनीमिया की वजह से लोग कई बीमारियोंं की चपेट में आ रहे हैं। इसको लेकर विभाग पहले फील्ड में जाने वाली टीमों को प्रशिक्षण भी देंगे। अहम बात यह है कि एनीमिया से ग्रस्त मिलने वाले मरीजों को उपचार के साथ टीमों को फॉलोअप भी लेना होगा। जिले में कई कैटेगरी में 54 फीसदी लोग एनीमिया ग्रस्त हैं। अधिकारियों की माने तो एनीमिया ग्रस्त मिले मरीज को आयरन की गोलियां भी निशुल्क दी जाएंगी। 100 दिनों के इस अभियान के दौरान मरीजों की तीन बार जांच होगी। जिससे दवाओं के असर का पता लगाया जा सकेगा। ये रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज होगी।
इन कैटेगरी में होगी एनीमिया मुक्त को लेकर जांच
6 माह से 5 वर्ष
5 वर्ष से 10 वर्ष
10 वर्ष से 19 वर्ष
20 से 49 वर्ष
स्तनपान करवाने वाली महिलाओं की भी होगी जांच
स्वास्थ्य विभाग स्तनपान करवाने वाली महिलाओं में भी खून की जांच करेगा। इसके अलावा आशा वर्कर, आंगनबाड़ी वर्कर व स्वास्थ्य कर्मचारियों की भी जांच होगी।
मरीज की तीन बार होगी जांच
अभियान के दौरान अगर मरीज एनीमिया से ग्रस्त मिलता है तो उसकी तीन बार जांच होगी। जिसमें पहली 45 दिनों बाद, दूसरी 60 दिनों बाद और तीसरी जांच 90 दिनों बाद होगी। इससे रोगियों में दवाओं के असर का पता लगाया जा सके। उसी के आधार पर ही आगे का उपचार किया जाएगा।
कोट
स्वास्थ्य विभाग द्वारा 100 दिनों तक एनीमिया मुक्त अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के दौरान अगर कोई एनीमिया ग्रस्त मिलता है तो उसका उपचार शुरू किया जाएगा और उसका टीम फॉलोअप भी लेगी। एनीमिया को खत्म करके बीमारियों को रोका जा सकता है।
-डॉ. भरत सहारण, उप सिविल सर्जन