यह विग्रह खंडित है और इसमें भगवान विष्णु के दो हाथ तो साफ दिखाई दे रहे हैं और दो हाथ खंडित हो चुके हैं। पुरातत्व विभाग के अनुसार, भगवान विष्णु का यह विग्रह मुख्य मूर्ति के साथ लगा होगा।
पौराणिक सभ्यता का गवाह बन चुका भूना खंड के गांव भट्टू में 11वीं शताब्दी के भगवान विष्णु का विग्रह मिला है। यह विग्रह खंडित है और इसमें भगवान विष्णु के दो हाथ तो साफ दिखाई दे रहे हैं और दो हाथ खंडित हो चुके हैं। पुरातत्व विभाग के अनुसार, भगवान विष्णु का यह विग्रह मुख्य मूर्ति के साथ लगा होगा।
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उस समय मुख्य मूर्ति के साथ भगवान के अन्य विग्रह लगाए जाते थे। फतेहाबाद के ऐतिहासिक कर्ण कोट टीले से पहले भी अनेक पौराणिक महत्व के अवशेष मिल चुके हैं। खंडित मूर्तियां भी अब यहां पर मिल रही हैं, जो प्रारंभिक मध्यकाल से संबंधित हैं। यहां पर हाल ही में भगवान गणेश की मूर्ति मिली थी, जोकि 650 ईसवी की थी। संवाद
विग्रह के एक हाथ में चक्र व एक हाथ वरद मुद्रा में...इसी टीले के पास जब किसानों ने अपनी गेहूं की फसल में सिंचाई के लिए पानी दिया तो यहां पर भगवान विष्णु का विग्रह मिला। उन्होंने इस विग्रह को इस टीले पर शोध कर रहे सेफ्टी इंजीनियर अजय कुमार को सौंप दिया।
अजय के अनुसार, इस विग्रह में भगवान विष्णु के चार हाथ दर्शाए गए हैं। एक हाथ में चक्र है व एक हाथ वरद मुद्रा में है व दो हाथ खंडित अवस्था में है। मूर्ति काले ग्रेनाइट पत्थर की लग रही है। मूर्ति के शीश पर मुकुट है।