अनाज मंडियों से धान का उठान धीमा होने की वजह से सोमवार को दिन भर किसानों
के साथ-साथ शहरवासी परेशान रहे। अधिकारियों ने धान के उठान में तेजी
दिखाने की बजाय सोमवार सुबह मंडी के गेट पर ही ताला जड़ दिया।
इस
वजह से मंडी में धान लेकर आ रहे दर्जनों किसान अपने वाहनों के साथ बाहर
सड़क पर ही खड़े रह गए। दर्जनों ट्रैक्टरों-ट्रालियों के सड़क पर खड़ा होने
की वजह से भट्टू रोड और बस स्टैंड के पास जाम की स्थिति रही। शाम पांच बजे
जाकर मंडी में किसानों को एंट्री मिल सकी है।
फतेहाबाद में इतना धान अटका पड़ा है
दो
सप्ताह से अनाज मंडी में सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा धान की खरीद की जा
रही है, लेकिन धान का उठान धीमा है। जिले की मंडियों में लगभग 270199
मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, लेकिन उठान केवल 178425 एमटी ही हो सका
है। इस वजह से लगभग 90 हजार मीट्रिक टन धान मंडियों में ही पड़ा है। वहीं,
अभी लगभग ढाई लाख एमटी धान मंडियों में आना बाकी है। हर बार प्रशासन द्वारा
धान के तीव्र उठान के दावे किए जाते हैं, लेकिन किसानों को फिर भी कई-कई
दिन तक मंडियों में ही रहना पड़ता है।
सुबह चार बजे ही लगने लगी थीं लाइनें
सोमवार
सुबह चार बजे ही नेशनल हाईवे और मंडी में किसानों की धान से भरी
ट्रैक्टर-ट्रालियों की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं, जिससे मंडी में पैर
रखने तक की जगह भी नहीं थी। इस पर मार्केट कमेटी ने लगभग आठ बजे मंडी के
गेट पर ताला जड़ दिया। दर्जनों किसान वाहनों के साथ सड़क पर ही रुक गए।
बाहर वाहनों का जमावड़ा लगने की वजह से जाम लग गया। सुबह स्थिति बेकाबू हुई
तो पुलिस को स्पेशल मंडी के गेट पर आकर ट्रैफिक को संभालना पड़ा। लाल
बत्ती चौक पर ट्रैफिक पुलिस के अलावा होम गार्डों की ड्यूटियां लगाई गई।
पांच बजे तक की थी नो एंट्री : सचिव
मार्केट
कमेटी के सचिव संजीव सचदेवा ने कहा कि मंडी में धान के उठान को लेकर पांच
बजे तक ताला लगाया गया था ताकि ट्रैक्टर ट्रालियां अंदर नहीं जा सके। इससे
लिफ्टिंग के काम में बाधा आ सकती थी। सड़क पर लगा जाम भी शाम तक हट जाएगा।
मंगलवार तक करें धान का उठान : डीसी
फतेहाबाद।
उपायुक्त डॉ. साकेत कुमार ने सोमवार को अनाज मंडी का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने एसडीएम बलजीत सिंह को निर्देश दिए कि 22 अक्तूबर तक मंडी से धान
का उठान अवश्य हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यापारी मंडी में
धान से भरी ट्राली में झरना आदि न लगाएं।