हरियाणा में आर्थिक तंगी झेल रहे किसान अपने महत्वपूर्ण अंग बेचना चाहते हैं। उन्होंने इसके लिए उपायुक्त से अनुमति भी मांगी है।
किसानों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति खराब है और अपने ऊपर चढ़े बैंक के कर्ज को अपने अंग बेचकर आने वाले पैसों से चुकाना चाहते हैं।
भारतीय किसान यूनियन से जुड़े 55 किसानों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर इसकी अनुमति मांगी है।
पत्र में प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए गेहूं और धान का निम्नतम समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग की गई है। किसानों का कहना है कि समर्थन मूल्य कम होने से सरकारी एजेंसियों को उत्पादन बेचने पर उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान यूनियन के अध्यक्ष गुरुनाम सिंह ने कहा कि राज्य में अधिकतर किसान अत्यधिक कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं और आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कर्ज न चुका पाने वाले किसनों के खिलाफ बैंकों ने नोटिस भी जारी कर दिया है। इतना ही नहीं कुछ बैंक डिफॉल्टर किसानों के फोटो भी जारी कर रहे हैं।
गुरुनाम ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 10 सितंबर को किसान हरियाणा विधानसभा का घेराव करेंगे।