आरटीआई एक्टिविस्ट एसोसिएशन ने लोगों को आरटीआई के दुरुपयोग से बचने की अपील की है। सेक्टर-15 स्थित जिमखाना क्लब में एसोसिएशन की ओर से रविवार को एक सेमिनार आयोजित किया गया, जिसमें शहर के आरटीआई कार्यकर्ता व सरकारी विभागों के जन सूचना अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
एसोसिएशन के अध्यक्ष ब्रह्मदत्त ने कहा कि एक्ट के प्रावधानों के तहत ही जानकारियां मांगें, जिससे कि सूचना समय पर मिल सके। इस मौके पर आरटीआई कार्यकर्ताओं ने सरकार से मांग की कि फीस 50 रुपये से घटा कर दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा में भी 10 रुपये कर दी जाए। जिला स्तर पर उपायुक्त कार्यालय में एक जन सूचना अधिकारी नियुक्त किया जाए। इसके अलावा प्रथम व द्वितीय अपील में दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
एसोसिएशन के महासचिव रविंद्र चावला ने कहा कि सरकारी विभागों में तैनात जन सूचना अधिकारी उस विभाग का कर्मचारी न होकर सामाजिक कार्यकर्ता, रिटायर्ड जज या किसी अन्य विभाग का रिटायर्ड अधिकारी होना चाहिए, जिससे पक्षपात न हो सके।
आरटीआई कार्यकर्ता ओपी धामा ने सुझाव दिया कि सरकारी विभाग सारी जानकारी विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें, ताकि आरटीआई डालने की नौबत न आए।
सरकारी विभाग की ओर से अपना पक्ष रखते हुए पुलिस आयुक्त कार्यालय के आरटीआई सेल इंचार्ज राम कुमार ने सुझाव दिया कि जनता को आरटीआई डालने से पहले एक्ट की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। लोग ऐसे सवालों के जवाब पूछते हैं जिनके जवाब देने का प्रावधान एक्ट में नहीं है।