जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत ने एक व्यक्ति को अपनी एनआरआई पत्नी से रुपये ऐंठने, धोखे से तलाक लेने और तलाक के बाद भी शारीरिक संबंध बनाने के मामले में बृहस्पतिवार को दोषी करार देते हुए सात साल की कैद और तीन लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
कोर्ट में पेश मामले के अनुसार, यूके की निवासी बैजयंती ने 19 फरवरी 2010 को पुलिस में मामला दर्ज कराया था, जिसमें उसने बताया कि वह वर्ष 2004 में भारत भ्रमण के लिए आई थी।
उसकी मुलाकात गांव भुआपुर निवासी अनिल से हुई, दोनों में प्रेम हो गया। इसके बाद वह वापस यूके चली गई थी, लेकिन 5 मई 2005 को लौट कर उसने अनिल से शादी कर ली। बैजयंती का आरोप है कि शादी के बाद पति और ससुराल वाले उससे पैसे ऐंठने लगे।
वर्ष 2008 में अनिल ने उसे बताए बिना धोखे से तलाक ले लिया, लेकिन इसके बाद भी पैसे ऐंठते रहे और अनिल उससे शारीरिक संबंध भी बनाता रहा। सच्चाई पता चलने पर पुलिस से शिकायत की गई।
पुलिस ने अनिल, उसके भाई विनोद और अन्य परिजनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया था। आरोपी पति के भाई विनोद केे अदालत में पेश न होने पर उसे इसी वर्ष 22 मार्च को भगोड़ा घोषित किया गया है।