सत्र न्यायाधीश दर्शन सिंह की अदालत ने मंगलवार को प्रेमिका की हत्या कर शव संदूक में रखकर गुड़गांव नहर में फेंकने के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
पेश मामले के अनुसार, 15 जुलाई 2012 को गुड़गांव नहर के सिकरौना हेड के नजदीक लोगों ने संदूक में बहता शव देख मादलपुर के सरपंच मोहम्मद फारुख को सूचना दी।
फारुख की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर जांच शुरू की। छानबीन के दौरान युवती की पहचान बिहार के जिला छपरा की रहने वाली पूजा (21) के रूप में हुई। वह यहां सेक्टर-3 मेें किराए के मकान में उत्तर प्रदेश निवासी हेमंत यादव के साथ रहती थी।
हेमंत एक सिक्योरिटी कंपनी में फील्ड सुपरवाइजर था। पुलिस ने हेमंत को पकड़कर पूछताछ की तो उसने बताया कि पूजा से वह दो साल पहले गुड़गांव में मिला था। पूजा के पिता को इसका पता चला तो वह उसे बिहार ले गया। पूजा फिर फरीदाबाद आ गई और सितंबर 2011 से हेमंत के साथ रहने लगी। दोनों ने शादी नहीं की थी।
पूजा ने शादी का दबाव बनाया तो उनमें झगड़ा होने लगा। हेमंत ने पूजा की दुपट्टे से गला दबाकर हत्या कर दी और शव संदूक में रख नहर मेें फेंक दिया था।