फरीदाबाद। निजी डॉक्टर की लापरवाही का खामियाजा एक माह की बच्ची को भुगतना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को बीके अस्पताल में डॉक्टरों ने नवजात को पोलियो संभावित केस मानते हुए उसके स्टूल नमूने जांच के लिए चंडीगढ़ भेजे हैं।
आदर्श कॉलोनी निवासी देवेंद्र ने बताया कि उसकी बच्ची को 26 अगस्त को बुखार हुआ था। इसके बाद उसने स्थानीय डॉक्टर के पास इलाज करवाना शुरू कर दिया। बृहस्पतिवार को बच्ची की तबियत बिगड़ने पर उसे बीके अस्पताल लाया गया। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार बच्ची की शुरुआती जांच में यह पाया गया है कि बुखार के दौरान कोई वैक्सीन अधिक मात्रा में दी गई है, जिस कारण बच्ची अपने बायीं ओर के शरीर में कोई हरकत नहीं कर पा रही है। बच्ची को एएफपी (एक्यूट फालिस्ड पैरालायसिस) मानते हुए जांच के लिए नमूना लिया गया है। इसके बाद जिले में पोलियो संभावित मरीजों की संख्या बढ़कर 65 हो गई है। इस बारे में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एमएम शर्मा ने बताया कि बच्ची की सभी आवश्यक जांच करा दी गई हैं। पोलियो की पुष्टि के लिए नमूना लैब भेज दिया गया है। वैक्सीन के असर को कम करने के लिए कुछ दिन तक बच्ची को दवाआें पर रखा जाएगा।