फरीदाबाद। हुडा को पहले ही चरण में गैस एजेंसी संचालकों ने झटका दे दिया। कमर्शियल साइट पर गैस गोदाम बनाने के लिए एक भी आवेदन नहीं किया गया। सभी संचालक रिहायशी एरिया में ही गैस गोदाम चलाने की बात पर अड़े हुए हैं।
औद्योगिक नगरी में नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी एरिया में करीब 28 गैस एजेंसियां के गोदाम को खुले आम चलाया जा रहा है। नियमानुसार रिहायशी इलाकों में एक भी गैस गोदाम नहीं चलाए जा सकता है। लेकिन शहर में ऐसे बहुत से गोदाम ऐसे है। जिनके आसपास काफी आबादी है। इसके अलावा एक साथ कई गोदाम भी बने हुए हैं। जिसकी शिकायत आने के बाद तत्कालीन उपायुक्त राकेश गुप्ता ने हुडा प्रशासक अवनीत पी कुमार ने हुडा की कमर्शियल साइट में इन गैस गोदाम को पहुंचाने की योजना तैयार की थी। उसके बाद सेक्टर-31 में चार साइटों के लिए गैस एजेंसी वालों से आवेदन भी मांगे गए थे। हुडा की ओर से इन साइटों की कीमत करीब आठ करोड़ रुपये तय की गई थी। लेकिन एक भी एजेंसी वाले ने गोदाम की साइट के लिए आवेदन नहीं किया।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि गैस गोदामों को जिस समय बनाया गया था। उस समय आसपास आबादी नहीं थी, लेकिन अब लोगों ने चारों तरफ अपने मकान बना लिए है। जिससे गैस गोदाम रिहायशी एरिया के अंदर आ गया है। अगर अब गोदामों को दूसरी जगहों पर शिफ्ट किया जाता है। तो गोदाम दूर हो जाने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
हुडा प्रशासक एन के सोलंकी का कहना है कि शहर में कई जगहों पर रिहायशी इलाकों में गैस गोदाम चला रहे हैं। जबकि उनकी इंडस्ट्रीयल सेक्टर में साइट खाली पड़ी है। आवेदन मांगने पर भी लोगों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। इसके लिए जल्द कोई कार्रवाई की जाएगी और दोबारा से साइट के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।