हरियाणा के जिला बहादुरगढ़ के जाखौदा गांव में झोलाछाप डॉक्टर की दवा से छह साल की बच्ची की मौत के बाद हरकत में आई स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में झोलाछाप डाक्टर के क्लीनिक पहुंची और सुबूत जुटाए।
हालांकि झोलाछाप डाक्टर वहां से पहले ही सामान सहित फरार हो चुका था। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव के कई अन्य डॉक्टरों को भी नोटिस जारी कर उन्हें अपने प्रमाण पत्र दिखाने की बात कही है।
विभाग की इस कार्रवाई से गांव के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में भी हड़कंप मचा रहा। अधिकतर डॉक्टर अपने दवाखानों पर ताला जड़कर फरार हो गए।
टीम ने पीड़ित परिवार से भी बातचीत की और उन्हें न्याय दिलाने की बात कही।
वीरवार को जाखौदा गांव में 6 साल की शाहबरीन को उसके परिजनों ने उसे गांव के ही शर्मा क्लीनिक पर बुखार की दवाई दिलवाई थी।
डॉक्टर की सलाह पर परिजनों ने सुबह शाहबरीन को नहला दिया और इसी दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने भी परिजनों के बयान के आधार पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ एचआर पासी के नेतृत्व में एक टीम ने ड्रग कंट्रोलर विभाग को साथ लेकर शुक्रवार को जाखौदा का दौरा किया।
पासी ने बताया कि आरोपी डॉक्टर के क्लीनिक से दवाइयां और अन्य जरूरी सामान को अपने कब्जे में ले लिया है।
पासी का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यही लग रहा है कि झोलाछाप डाक्टर द्वारा लगाए गए इंजेक्शन के रिएक्शन से ही बच्ची की मौत हुई होगी, लेकिन बच्ची के मौत के सही कारणों का पता तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।