प्रवर्तन निदेशालय ने 22.48 लाख रुपये की रिश्वत राशि कुर्क कर ली है, मंगलवार को ईडी ने कहा कि 2022 में सीबीआई ने हरियाणा के अंबाला छावनी में तैनात सेना के अधिकारियों और कुछ निजी ठेकेदारों के खिलाफ जाल बिछाकर यह राशि जब्त की थी।
संघीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि यह राशि महागौरी इलेक्ट्रिकल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक दिनेश कुमार और कंपनी पी जे एंटरप्राइजेज के मालिक प्रवीण जैन द्वारा मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) के अधिकारियों सूबेदार मेजर प्रदीप कुमार और लेफ्टिनेंट कर्नल राहुल अरविंद पवार को दी गई रिश्वत की रकम थी।
दोनों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पिछले साल 20 अगस्त को अंबाला छावनी से सह-आरोपी दिनेश कुमार और अन्य से 22.48 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। जब लेफ्टिनेंट कर्नल पवार वरिष्ठ बैरक स्टोर ऑफिसर (एमईएस) के रूप में तैनात थे, तब उनके डिप्टी सूबेदार मेजर प्रदीप कुमार भी उसी विंग में थे।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कहा कि अंबाला कैंट में एमईएस के दोनों अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल पवार और सूबेदार मेजर कुमार ने अपने आधिकारिक पद से यह सुनिश्चित किया कि दिनेश कुमार को एमईएस अंबाला से जारी किए गए अधिकांश आर्डर मिले और उन्होंने निजी ठेकेदार दिनेश कुमार और प्रवीण जैन से कमीशन के रूप में 22.48 लाख रुपये लिए थे।