शहर की तर्ज पर गांव में भी सफाई रखने के लिए प्रशासन द्वारा डोर टू डोर कूड़ा उठाने का अभियान चलाया गया है। ताकि लोग खुले में कुड़ा न फेंके। यह अभियान निर्मल ग्राम योजना के तहत शुरू किया गया है। जिले के 10 गांवाें को निर्मल ग्राम पुरस्कार से नवाजा जा चुका है। पहले चरण में सुनपेड़ से डोर टू डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। माह के अंत तक साहूपुरा व भैंसरावली में भी योजना लागू हो जाएगी।
सुनपेड़ गांव में घरों से कचरा उठाने के लिए रेहड़ी लगाई गई है। इन रेहड़ी में अलग-अलग कचरा रखने के लिए बॉक्स बनाए गए हैं। रेहड़ी जैसे ही घर के बाहर पहुंचती है। लोग एक बॉक्स में गलनशील कचरा और दूसरे बॉक्स में ठोस कचरा डालते हैं। कलेक्शन प्वाइंट पर भी अलग-अलग जगहों पर कचरा डाला जाता है। गलनशील कचरे का प्रयोग खाद बनाने में किया जाएगा और ठोस कचरे को कबाड़ी को दे दिया जाएगा।
योजना को सही तरीके से चलाने के लिए प्रत्येक घर से एक रुपया प्रतिदिन की दर से वसूला जा रहा है। इसी तर्ज पर गांव भैंसरावली और साहूपुरा में भी इस योजना को शुरू किया जाना है। उसके बाद कुछ दिनों बाद गांव मिर्जापुर में भी यह सेवा शुरू कर दी जाएगी।
निर्मल भारत अभियान के जिला सलाहकार उपेंद्र सिंह ने बताया कि गांव साहूपुरा और भैंसरावली में कलेक्शन प्वाइंट बनाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गांव में जो कचरा इकट्ठा होगा, उसे बेचा जाएगा और उससे मिलने वाले पैसों को गांव की साफ सफाई पर खर्च किया जाएगा।