कुरुक्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जिला अस्पताल में खोला गया आयुष विंग अब पीड़ा देने लगा है। सोमवार को यहां इलाज करवाने आने वाले मरीज मुख्य गेट पर ताला लगा देख इधर-उधर भटकते रहे।
इसके चलते उनका इलाज तो दूर, सही जानकारी भी नहीं मिल रही थी कि ताला क्याें लटका है। कुछ पाठकों की सूचना पर अमर उजाला की टीम ने मौके पर जाकर जानकारी ली गई तो पता चला कि जिला स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के स्टाफ की ड्यूटी पोलियो उन्मूलन अभियान में लगाई है। जिस डॉक्टर की आयुष विंग में ड्यूटी लगी थी वह भी अचानक छुट्टी पर चली गईं हैं।
आयुष विंग में दवा लेने के लिए आए अमित कुमार ने बताया कि वह सुबह 8:00 बजे से आयुष विंग के मुख्य द्वार पर खड़ा है, लेकिन लंबी इंतजार के बाद भी कोई डॉक्टर यहां नहीं आया। अमित कुमार ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मरीज इतनी दूर-दूर से इलाज एवं दवा लेने के लिए आते हैं और यहां हालत ये है कि बगैर सूचना के ही पूरा केंद्र बंद कर दिया गया है।
पिपली से इलाज कराने के लिए अशोक शर्मा ने बताया कि वह भी सुबह से कई चक्कर आयुष विंग के लगा चुका है परंतु एक भी डॉक्टर समयानुसार नहीं आया। इतना ही नहीं विंग का ताला तक नहीं खुला। उन्हाेंने हैरानी व्यक्त करते हुए कहा कि जिला अस्पताल के डॉक्टर ही जब ऐसे करेंगे तो कस्बों तथा गांवों के डॉक्टर क्या खाक ड्यूटी करेंगे।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि जब आसपास के डॉक्टर तथा स्टाफ से विंग के डॉक्टरों के बारे में जानकारी लेनी चाही तो उन्हाेंने भी उन्हें ठीक प्रकार से जानकारी नहीं दी। मरीज नीलम ने बताया कि वह भी काफी देर से आयुष विंग के बाहर बैठी है परंतु ताला नहीं खुला है, जिससे उसका समय तो खराब हुआ ही साथ ही गांव दुधला से एलएनजेपी अस्पताल आने तक का किराया भी खराब हुआ।
स्टाफ की पोलियो में ड्यूटी-सीएमओ
सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार ने बताया कि पोलियो उन्मूलन अभियान में आयुष विभाग के डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। इसके अलावा एक महिला डॉक्टर की ड्यूटी अस्पताल में थी परंतु अचानक महिला डॉक्टर चारु की तबियत खराब हो गई, जिसके चलते वह भी छुट्टी पर चली गईं। उन्हाेंने बताया कि ग्रामीण एरिया में तो एएनएम, आशा वर्कर्स की सहायता से पोलियो में बच्चाें को दवाई पिलाई जाती है। परंतु शहरी एरिया में स्टाफ की कमी होने के कारण आयुष विभाग के डॉक्टरों को स्टाफ सहित इस अभियान में लगाया गया है। इसके कारण यह ही समस्या आई है।
एलएनजेपी अस्पताल में पार्किंग बना मुख्य द्वार
एलएनजेपी अस्पताल में पार्किंग के ठेकेदारों की मनमानी के कारण पूरे अस्पताल में पार्किंग स्थल बन गया है। इतना ही नहीं लोगों ने तो अस्पताल के मुख्य द्वार के पास ही वाहनों को खड़ा करना शुरू कर दिया है। इसके कारण मरीजों और एंबुलेंस को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार ने कहा कि जल्द ही अस्पताल के मुख्य द्वार के पास नो पर्किंग का बोर्ड और साइकिल स्टैंड के ठेकेदार को सख्त निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद यह समस्या दूर हो जाएगी।