हरियाणा में एक और पुलिसकर्मी के आत्महत्या का मामला सामने आया है। गुरुग्राम में तैनात एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआई) कृष्ण कुमार ने अपने पैतृक गांव जैनाबाद (रेवाड़ी) स्थित घर में फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस के अनुसार घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें एएसआई ने अपनी पत्नी और ससुराल पक्ष पर आरोप लगाते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
मृतक एएसआई कृष्ण कुमार पिता नरदेव सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा कमरे का दरवाजा नहीं खोल रहा था। पुलिस टीम ने दरवाजा तोड़ा तो कृष्ण कुमार कमरे में फंदे से लटका मिला। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।
नरदेव सिंह ने कहा कि उनकी बहू इंदु ने दिल्ली में उनके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। बेटे कृष्ण कुमार पर उसकी पत्नी इंदु द्वारा झूठा केस दर्ज करवाने के बाद वह बहुत परेशान था। उसी मानसिक तनाव के चलते उसने आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में उसने पत्नी और ससुरालियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पुलिस ने पिता की शिकायत पर पत्नी इंदु, ससुर नावल और सास सरोज देवी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। खोल थाना प्रभारी निरीक्षक गजराज सिंह ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है और आगे की जांच जारी है।
कृष्ण कुमार दिसंबर 2004 से हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब हाल ही में हरियाणा में दो और पुलिस अधिकारियों की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। इससे पहले 7 अक्तूबर को आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार (52) ने चंडीगढ़ स्थित अपने निजी आवास में आत्महत्या कर ली थी। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में वरिष्ठ अधिकारियों पर उत्पीड़न और जातीय भेदभाव के आरोप लगाए थे। इसके बाद 8 अक्तूबर को रोहतक में एएसआई संदीप कुमार ने खुद को गोली मारकर जान दे दी थी। उसने अपने सुसाइड नोट में पूरण कुमार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।