शहर के विकास कार्यों के लिए बुलाई गई नगर पालिका की बैठक का नपा अध्यक्षा रोशनी देवी के साथ ही सभी पार्षदों ने बहिष्कार कर दिया।
पूरे
हंगामे के बाद पार्षदों ने एकमत होेते हुए कहा कि पहली बैठकों में पास हुए
प्रस्तावों में से अब तक एक भी कार्य सिरे नही चढ़ पाया है। ऐसे में
दोबारा से बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। वहीं, नपा अधिकारियों ने
जिला मुख्यालय पर ठीकरा फोड़ते हुए कहा कि उन्होंने तो फाइल भिजवा दी थी,
जिला अधिकारियों ने ही देरी की है।
वीरवार को नगरपालिका कार्यालय
में शहर के विकास कार्यों के लिए बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करते हुए
पार्षदों ने एकमत होते हुए कहा कि नपा की ओर से तीन माह पहले बैठक बुलाई गई
थी। इसमें शहर में विकास कार्यों के प्रस्ताव पास हुए थे। पार्षदों ने
आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा अब तक कोई भी कार्य शुरू नहीं कराया गया,
जिससे दोबारा बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं। इसके बाद सभी पार्षदों ने
बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके साथ ही नपा अध्यक्षा रोशनी देवी ने भी बैठक
समाप्ति की घोषणा कर दी।
ये रहे मौजूद
विकास कार्यों के न होने
से शहर के वार्ड पार्षद ही नहीं नपा अध्यक्षा भी परेशान दिखी। उन्होंने
विकास के कामों की शुरुआत न होने से आहत होकर हंगामा कर रहे पार्षदों का
साथ दिया और बैठक को बिना चर्चा के ही समाप्त करने की घोषणा की। इस दौरान
प्रेम लीला, निर्मला, प्रवीन सैनी, हीरा लाल, सुनीता जांगड़ा, योगेश,
कंवलराज दुआ, बसंत लाल, कविता, वनदीप उर्फ हैप्पी आदि पार्षद मौजूद रहे।
ये काम अटके
तीन
माह पहले हुई नपा बैठक में शहर की गलियों के निर्माण के साथ ही साफ-सफाई
के लिए कूडे़दान खरीदने, स्ट्रीट लाइटें लगाने और पानी निकासी करने के
प्रस्तावों पर मुहर लगी थी, जिन पर काम नहीं हो सका।
तीन माह
पहले हुई बैठक की कागजी कार्रवाई पूरी कर जिला मुख्यालय को भेज दी गई थी।
विकास कार्य शुरू कराना उपायुक्त के अधिकार क्षेत्र का कार्य होता है।
- प्रदीप कुमार, सचिव, नपा, खरखौदा