ऑनर किलिंग रोकने के प्रयासों के तहत रोहतक और झज्जर में खापों ने रविवार को बैठक की। रोहतक में खाप प्रतिनिधियों ने मांग की कि स्कूलों की तरह कॉलेजों में भी ड्रेस कोड लागू किया जाए। वहीं, झज्जर में पंचायत में खाप ने लड़कियों के जींस-टॉप पहनकर कालेज जाने पर रोक लगा दी।
इसके साथ ही सभी प्रतिनिधियों ने हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन कर सम गोत्र में शादी पर रोक लगाने की मांग की। हैफेड चौक स्थित आर्य चौपाल में हुई खाप पंचायत की अध्यक्षता गठवाल खाप के प्रधान दादा बलजीत ने की। इस दौरान तीन प्रस्ताव पारित किए गए। अब इन प्रस्तावों पर अमल करवाने के लिए खापों की महापंचायत बुलाई जाएगी, जिसमें आंदोलन की रूपरेखा बनेगी।
रोहतक के गरनावठी में बुधवार को एक ही गोत्र के प्रेमी युगल की युवती के परिजनों द्वारा हत्या किए जाने के बाद यह मुद्दा फिर से गरमा गया है। इस बैठक में हुड्डा, श्योकंद, मलिक और गठवाल आदि खापों के प्रतिनिधि पहुंचे।
ऑनर किलिंग की निंदा की
पंचायत में गरनावठी ऑनर किलिंग पर खाप प्रतिनिधियों ने चर्चा की और कहा कि किसी को भी जान लेने का हक नहीं है। प्रतिनिधियों ने कहा कि विवाह के लिए दूध और खून का रिश्ता छोड़ना जरूरी है, अन्यथा पूरे देश में सामाजिक ताना-बाना बिखर जाएगा। अब वे हिंदू विवाह अधिनियम में संशोधन करवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। तीन घंटे चली इस खाप पंचायत में हुड्डा खाप के प्रधान रामफल हुड्डा ने गरनावठी मामले पर चर्चा की और सभी ने हत्या की निंदा की।
ये रखे प्रस्ताव
1. हिंदू विवाह अधिनियम 1955 में बदलाव किया जाए, इससे ऑनर किलिंग के मामले खुद ब खुद रुक जाएंगे। सम गोत्र में विवाह पर कानूनन रोक लग जाएगी।
2. कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू किया जाए, जिससे युवा भड़काऊ कपड़े पहनकर शिक्षण संस्थानों में नहीं आएंगे। शिक्षा विभाग द्वारा स्कूलों में नैतिक शिक्षा पर जोर दिया जाए।
3. इंटरनेट पर पॉर्न साइट पर रोक लगाई जाए, जिससे युवा अपने मार्ग से न भटकें।
बिरोहड़ बारहा खाप ने जारी किया फरमान
झज्जर। बिरोहड़ बारहा खाप की रविवार को गांव बिरोहड़ में हुई बैठक में फैसला किया गया है कि इस खाप से संबंधित इलाकों की छात्राएं स्कूल-कॉलेज में जींस और टॉप पहनकर नहीं जाएंगी। इसके साथ ही खाप ने छात्र-छात्राओं द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल किए जाने के बारे में भी अगले माह होने वाली बैठक में फैसला लेने की घोषणा की। बिरोहड़ बारहा खाप के अंतर्गत इस इलाके के बारह गांव आते हैं।
गांव बिरोहड़ में हुई बैठक की अध्यक्षता प्रधान जगदेव ने की। बैठक में विभिन्न गांवों के पंच और सरपंचों ने भी हिस्सा लिया। पंचायत में प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश में जितने भी सामाजिक मर्यादाओं को तोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं, उनमें लड़कियों द्वारा आकर्षित करने वाली वेशभूषा पहनने और छात्र-छात्राओं द्वारा मोबाइल फोन का इस्तेमाल किए जाने का अहम रोल है। प्रतिनिधियों ने कहा कि अगर इन पर प्रतिबंध लगा दिया जाए तो काफी हद तक ऑनर किलिंग जैसे मामले भी रुक जाएंगे। बैठक में सभी वक्ताओं ने सबसे पहले तो स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं के जींस-टॉप पहनने पर प्रतिबंध की मांग की, जिसे सभी ने मान लिया और बैठक में इस फरमान पर मुहर लगा दी गई।
शराब पीकर घूमने और डीजे पर रोक
पंचायत में पियक्कड़ों पर शिकंजा कसने की भी तैयारी करते हुए बैठक में निर्णय लिया कि जो भी व्यक्ति अपने घर से बाहर किसी सार्वजनिक स्थान पर शराब को सेवन करता पाया गया तो उससे सख्ती से निपटा जाएगा। शादी समारोह या फिर अन्य खुशी के कार्यक्रम में शराब के सार्वजनिक प्रदर्शन पर भी पंचायत ने रोक लगाने का फैसला किया। इसके साथ ही डीजे बजाने पर रोक लगाने का ऐलान किया गया है। बैठक में तय हुआ कि इन नियमों के उल्लंघन करने पर दंड के बारे में फैसला अगली बैठक में लिया जाएगा।
मोबाइल के इस्तेमाल पर फैसला अगले महीने
बैठक में तय किया गया कि बिरोहड़ बारहा खाप हर महीने अपने संबंधित किसी भी गांव में बैठक करेगी। छात्र-छात्राओं द्वारा मोबाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध संबंधी प्रस्ताव अगले माह कालियावास गांव में होने वाली बैठक में लाया जाएगा। इस मौके पर पंचायत में राजेंद्र धनखड़, राजेश झामरी, वेदप्रकाश पटवारी, भीम सिंह पहलवान और सुमेर सिंह आदि मौजूद थे।