सीएलयू के नाम पर मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी द्वारा पांच करोड़ रुपये मांगने वाली जारी की गई सीडी की हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल ने जांच शुरू कर दी है।
इनेलो ने छह सितंबर को मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी की एक सीडी जारी की थी, जिसमें फौजी गुड़गांव की चार एकड़ जमीन पर सीएलयू करवाने के नाम पर पांच करोड़ मांगते दिखाए गए थे।
इनेलो ने इस सीडी की एक कॉपी राज्यपाल को देकर मामले की जांच करवाए जाने और फौजी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी।
राज्यपाल ने सीडी को हुड्डा सरकार के पास भेज दिया था। राज्य सरकार ने सीडी लोकायुक्त जस्टिस प्रीतम पाल के पास जांच के लिए भेजी थी।
लोकायुक्त ने सोमवार को इनेलो नेताओं को इस संबंध में अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया था।
हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन फौजी को भी अपनी बात कहने के लिए बुलाया गया था।
इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और पार्टी के इसराना के विधायक कृष्ण पंवार अपने वकील नरेश सिंह शेखावत को साथ लेकर आज लोकायुक्त के समक्ष पेश हुए।
अरोड़ा ने कहा कि यह सीडी उन्होंने जारी की है और राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन के साथ सीडी की प्रति लगाई गई थी।
इनेलो नेताओं ने लोकायुक्त से कहा कि यह मामला बिल्कुल साफ है और इस मामले में सिर्फ तीन बातों की जांच कराने की जरूरत है।
पहली जांच यह करवा ली जाए कि सीडी में दिखाई दे रहा चेहरा और आवाज क्या रामकिशन फौजी की ही है अथवा नहीं।
दूसरा सीडी असली है या नहीं और तीसरा कि सीडी में रामकिशन फौजी सीएलयू के नाम पर पांच करोड़ रुपये की मांग कर रहे हैं या नहीं?
अरोड़ा ने लोकायुक्त से कहा कि आजकल देश में एक से बढ़कर एक अत्याधुनिक लैब मौजूद हैं, जहां फौजी के चेहरे औश्र आवाज की जांच करवाई जा सकती है और सीडी में कहीं कोई काटछांट की गई है अथवा नहीं, यह भी जांच करवाई जा सकती है।