बौंद कलां क्षेत्र में यज्ञ यात्रा के दौरान संबाेधित करते योगाचार्य।
चरखी दादरी। आर्य समाज, आर्य वीरदल, गुरुकुल व सर्वहित साधना न्यास की ओर से महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जयंती के अवसर पर आयोजित जिलास्तरीय यज्ञ यात्रा वीरवार को गांव सांजरवास,फौगाट, रणकौली, बौंदकलां, रानीला, भागेश्वरी, झिंझर पहुंची। यात्रा के दौरान आदर्श वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में भजन, उपदेश एवं प्रवचन का कार्यक्रम हुआ। भजनोपदेशक सत्यपाल मधुर एवं कुरुक्षेत्र से उपदेशक जयपाल आर्य ने भजन सुनाए। इस दौरान हर प्रकार के नशे व व्यसनों से दूर रहने का संकल्प कराया गया।
इस अवसर पर स्वामी सच्चिदानंद ने राष्ट्रभक्ति एवं नशामुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि आज समाज जिस दिशा की ओर अग्रसर है, वह चिंता का विषय है। खास कर युवा पीढ़ी को समझना होगा कि नशा चाहे किसी भी तरह का हो वह केवल और केवल विनाश की ओर ही उन्मुख करता है। युवाओं को अपने चरित्र व नैतिक मूल्यों पर ध्यान देना होगा, यही जीवन की असली पूंजी होती है।
उन्होंने कहा कि देश हमेशा से ही संतों व ऋषि-मुनियों की भूमि रही है। यज्ञ यात्रा में स्वामी सच्चिदानंद, आचार्य प्रवीण योगी, सत्यवान आर्य जेवली, वेदप्रकाश आर्य, नवीन योगी, अनुराग, सुरजीत, मोहित, देवराज, अरविंद डालावास, स्कूल प्राचार्य कृष्ण आदि का सहयोग रहा।