पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिलाओं को सुरक्षित माहौल और बेहतर सुरक्षा प्रदान करना जिला पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में सुरक्षा की भावना पैदा करने के लिए जिला पुलिस हर समय तत्पर रहती है, ताकि महिलाएं अपने आपको कार्यस्थलों, शैक्षणिक संस्थानों और सार्वजनिक परिवहन में पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर यात्रा कर सकें। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा की भावना को बढ़ाना है और उनके परिवार की चिंता को कम करना है।
पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर के निर्देशानुसार और एसपी नितिका गहलोत के मार्गदर्शन में ये मुहिम चलाई जा रही है। यातायात पुलिस अब तक करीब 190 ऑटो चालकों को यूनिक आईडी नंबर दे चुकी है और 415 ऑटो चालकों की वेरिफिकेशन हो चुकी है। यह मुहिम 15 अक्तूबर तक चलेगी।
- देर रात सफर करने वालीं महिलाएं करवाए पंजीकरण
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दिन व रात के समय यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के मद्देनजर ऑटो रिक्शा चालकों का डाटा एकत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि जो महिलाएं देर रात यात्रा करती हैं, वे डायल 112 नंबर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकती हैं, ताकि पुलिस के पास उनका नंबर स्थायी रूप से फीड हो जाए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यात्रा करने वाली महिलाएं किसी भी कैब या ऑटो से यात्रा करते समय अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से चालक की फोटो खींचकर 112 पर भेज सकती हैं।