गीता जयंती महोत्सव के मंच पर शनिवार को नारी शक्ति ने हुनर और आत्मनिर्भरता की झलक दिखाई। शहीद दलबीर सिंह राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय परिसर में जिले की स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार किए गए उत्पादों की स्टॉल लगाकर न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया बल्कि अपने परिश्रम को आय में बदलकर आत्मनिर्भरता की मजबूत मिसाल पेश की।
महोत्सव में महिलाओं की ओर से लगाई गई स्टॉल में मसाले, हैंडमेड कपड़े, सजावटी सामान, टोकरियां, दरी, कढ़ाई व क्रोशिए से बने उत्पाद शामिल रहे। इन स्टॉलों पर खरीदारों की भीड़ रही। सही दाम और देसी कला की झलक होने के कारण लोगों ने बड़ी मात्रा में सामान खरीदा और महिलाओं से उत्पादों के बारे में जानकारी भी ली।
प्रियंका ने लगाई मिट्टी के बर्तनों की स्टॉल
प्रियंका प्रजापति ने स्टॉल लगाकर मिट्टी के बर्तन, हैंडक्राफ्ट आइटम और घरेलू उपयोग की वस्तुएं प्रदर्शित कीं जिन्हें आगंतुकों ने काफी सराहा। प्रियंका का कहना है कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें मंच, प्रशिक्षण और आत्मविश्वास मिला है। अब प्रदर्शनियों से लेकर महोत्सव तक अपने उत्पाद पहुंचा रही हैं।
ऐसे आयोजनों से मिल रही पहचान, आय भी बढ़ी
महिला समूहों से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि इस तरह के आयोजन उन्हें अपनी कला को बड़ा बाजार देने में मदद करते हैं। जिले की महिलाएं समय-समय पर पंचकुला, गुरुग्राम, फरीदाबाद, दादरी सहित कई स्थानों पर सरकारी विभागों तथा मेलों में स्टॉल लगाती रही हैं। इससे उन्हें पहचान तो मिल रही है बल्कि नियमित आय भी होने लगी है। कई महिलाओं ने बताया कि शुरुआत में कम बिक्री होती थी, लेकिन अब ग्राहक उनकी पहचान, गुणवत्ता और मेहनत के कारण लगातार बने हुए हैं।