प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए एक पेड़ मां के नाम से अभियान चलाया गया है। इसके तहत रोपित किए गए पौधों की रक्षा वन मित्रों के जिम्मे सौंपी गई है लेकिन पर्यावरण को स्वच्छ बनाने का बीड़ा उठा रहे वन मित्र आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
शनिवार को वन मित्रों ने उपायुक्त डॉ. मुनीश नागपाल और विधायक सुनील सतपाल सांगवान को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि उन्हें तत्काल आवश्यक सुविधाएं और मासिक मानदेय प्रदान किया जाए। साथ ही उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ओर से द्वारा किए गए वादे के अनुसार गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन यापन करने वाले वन मित्रों को वन विभाग में स्थायी रोजगार देने की अपील की है।
उपायुक्त को सौंपे गए मांग पत्र में बताया कि हरियाणा सरकार ने राज्य में हरित आवरण को बढ़ाने के उद्देश्य से 15 फरवरी 2024 को वन मित्र योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत वन मित्रों को एक हजार पौधे लगाने और उनकी देखरेख करने की जिम्मेवारी सौंपी गई। योजना में शामिल होने के बावजूद उन्हें वन विभाग की ओर से न कोई सुविधा मिल रही है और न ही कोई मासिक मानदेय दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहयोग के अभाव में उनके लिए अपने परिवार का पालन-पोषण करना और साथ ही वन संरक्षण के अपने दायित्व को निभाना असंभव होता जा रहा है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान हरियाणा वन मित्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप सांगवान व अन्य वन मित्र हरदीप, सुनील, रवि, विकास, पवन आदि मौजूद थे।