चरखी दादरी। दादरी अनाज मंडी में सरसों और गेहूं की आवक लगातार बढ़ रही है। दूसरी ओर जिले के आठ केंद्रों पर मंगलवार को सातवें दिन भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। खरीद एजेंसी अधिकारी इसका कारण नमी और लस्टर लॉस बता रहे हैं। ऐसे में गेहूं खरीद को लेकर किसान चिंतित हैं।
मंगलवार को मंडी में सरसों की 6007 क्विंटल आवक हुई। वहीं, गेहूं की आवक 13 हजार क्विंटल रही। खरीद एजेंसी ने सरसों की खरीद कर उठान कार्य भी शुरू कर दिया है। दादरी मंडी की बात करे तो अब तक 21957 क्विंटल सरसों की आवक हो चुकी है।
दरअसल, बारिश और ओलावृष्टि होने के चलते मंडी में सरसों और गेहूं की आवक अभी भी औसतन से काफी कम है। हालांकि पिछले एक सप्ताह से आवक में पहले के मुकाबले तेजी आई है। सोमवार तक ई-नेम पोर्टल और ई-खरीद के माध्यम से 13567 क्विंटल सरसों की खरीद की जा चुकी है। मंगलवार को दादरी और बाढड़ा मंडी में 8190 क्विंटल सरसों की आवक हुई और इसमें से दादरी मंडी की आवक 6007 क्विंटल है। जिले के खरीद केंद्रों पर मंगलवार तक 12474 क्विंटल गेहूं भी पहुंचा, लेकिन एजेंसी ने सरकारी खरीद नहीं की। इसके चलते किसानों को अपना गेहूं खुले आसमान के नीचे डालना पड़ा।
नमी के चलते तीन दिन बाद बिक पाई सरसों
गांव बिरोहड़ निवासी किसान जगबीर और जयभगवान ने बताया कि वो शनिवार को सरसों बेचने के लिए दादरी मंडी में आए थे। सरसों में नमी की मात्रा अधिक होने के कारण आढ़तियों ने खरीदने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि जब तक सरसों की नमी की मात्रा कम नहीं हुई, तब तक सरसों को सूखाया। नमी खत्म होने पर तीन दिन बाद उनकी सरसों मंगलवार को बिकी है।
- मंडी में पड़ा गेहूं, लस्टर लॉस खरीद न होने का कारण
फिलहाल मंडी में लगभग 14 हजार क्विंटल गेहूं पड़ा है। खरीद एजेंसियों का कहना है कि बारिश और ओलावृष्टि के कारण गेहूं में लस्टर लॉस है यानि दाने की चमक कम है और कट भी है। ऐसे में गेहूं सरकारी मापदंडों पर खरा नहीं उतर रहा है और इसलिए गेहूं की खरीद में देरी हो रही है।