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जलभराव : बाजार से 36 घंटे बाद भी नहीं हुई पानी की निकासी, दूसरे दिन भी बंद रही दुकानें

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पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में किराना स्टोर में भरा बारिश का पानी दिखाता दुकानदार। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। बुधवार को हुई बारिश के पानी की वीरवार शाम तक 36 घंटे बीतने पर भी निकासी नहीं हो पाई। शहर के बाजारों की सड़कें पानी में डूबी में रहीं और इसके चलते 500 से अधिक दुकानें दूसरे दिन भी बंद रही। दूसरी ओर 100 से अधिक दुकानें वीरवार को शटर खोलने पर जलमग्न मिलीं और इनमें ज्यादातर किराना स्टोर हैं। शहर के व्यापारियों ने पानी निकासी की धीमी गति पर रोष जताया है और पांच सितंबर को जन आंदोलन समिति की बैठक बुलाई गई है। समिति पदाधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों को करोड़ों का चूना लग चुका है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है, इसलिए पांच सितंबर की बैठक में कड़ा निर्णय लिया जाएगा।
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बुधवार को दादरी में 123 एमएम बारिश हुई थी और शहर में जलभराव होने से बाढ़ जैसी हालात बने हुए है। खासकर मुख्य बाजार में अभी भी दो से ढाई फुट पानी भरा हुआ है और इसके चलते 90 फीसदी दुकानें बंद रही। नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि वीरवार को दूसरे दिन भी जलभराव के चलते 500 दुकानें नहीं खुल पाईं और मुख्य मार्केट का करीब पांच करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है। व्यापार मंडल के कार्यकारी प्रधान रविंद्र सिंह गुप्ता ने बताया कि दो दिन में जलभराव के चलते करीब 12 करोड़ का कारोबार प्रभावित हुआ है और इसके अलावा दुकानों में पानी घुसने से सामान खराब होने पर 100 से अधिक दुकानदारों को लाखों की चपत लगी है और इनमें ज्यादातर किराना स्टोर संचालक हैं।
शहर के साथ गांव में भी जलभराव से राहत नहीं
वीरवार को पुराना बस स्टैंड से लाला लापजतराय चौक, लाला लाजपतराय चौक से पुरानी अनाज मंडी रोड, आंबेडकर चौक से लेकर पुरानी सब्जी मंडी होते हुए रेलवे स्टेशन रोड, रोहतक रोड, कोर्ट रोड, लोहारु रोड, नगर परिषद के पिछली तरफ, वार्ड-14 का चरखी दरवाजा, विश्वकर्मा कॉलोनी, हरि नगर, नप कार्यालय में पानी भरा रहा। जलभराव के कारण शहर का मुख्य बाजार सुनसान रहा और ग्राहक भी गायब रहे। वहीं, गांवों को भी दूसरे दिन जलभराव से राहत नहीं मिल पाई। भागवी, कंहेटी, इमलोटा, फतेहगढ़, साहुवास, सरूपगढ़ व सांतौर आदि गांवों में अभी भी पानी भरा हुआ है और इसके कारण ग्रामीणों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
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अधिकारियों के आवास में भी भरा पानी, निकासी के लिए मोटरें लगाईं
सड़कों पर ही नहीं बल्कि अधिकारियों के आवास में बारिश का पानी भरा हुआ है। डीसी, डीडीपीओ, सीटीएम, एसडीएम आवास समेत कई अधिकारियों के आवास पर पानी भरा हुआ है और इससे विभाग के भी पसीने छुटे हुए हैं। हालांकि वीरवार सुबह ही मोटर लगाकर अधिकारियों के आवास से पानी की निकासी शुरू कर दी गई है।
प्रशासन का तर्क: पानी निकासी का प्रयास लगातार जारी
जिला प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि शहर और गांवों से जल निकासी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्थिति के अनुसार व्यवस्थाएं और पुख्ता करने पर जोर है। प्रशासन का प्रयास है कि अगले 24 घंटे में पानी की निकासी करवा दी जाए। पानी निकासी कार्य में लोगों के सहयोग से तेजी लाई जाएगी।
दुकानदार बोले: शटर उठाया तो दुकान के अंदर पानी में तैरता मिला सामान
दुकानदार संजय व ललित ने बताया कि ठप सीवर व्यवस्था की मार व्यापारियों पर पड़ी है। दो दिन की बारिश दुकानदार और व्यापारियों के लिए आफत बनकर बरसी है। बुधवार को बारिश के चलते दुकान नहीं खोल पाए और वीरवार सुबह शटर उठाया तो दुकान का सामान पानी में तैरता मिला।
शहर से पानी निकासी करवाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। पानी उठान के लिए मोटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। पानी निकासी का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। लोगों से अपील है कि वो सहयोग करे।
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विरेंद्र सिंह, एसडीएम

शहर के मुख्य बाजार में भरा पानी।- फोटो : CharkhiDadri

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