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उम्र की बाधा को लांघ किया मतदान, कोई बेटे की गोद में तो कोई बैसाखी के सहारे पहुंचा मतदान केंद्र

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वोट डालने के बाद बाहर 100 वर्षीय मेवा देवी को ले जाते परिजन। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। शहरी सरकार के चुनाव के लिए रविवार को हुए मतदान में बुजुर्गों ने भी अपनी आहुति डाली। बुजुर्ग उम्र की बाधा को लांघकर मतदान केंद्रों पर पहुंचे और लोकतंत्र में मिले अधिकार का प्रयोग कर मतदान से दूरी बनाने वाले मतदाताओं के लिए नजीर पेश की। कोई बुजुर्ग अपने बेटे की गोद में मतदान केंद्र तक पहुंचा तो किसी ने बैसाखी का सहारा लेकर घर से मतदान केंद्र कर दूरी तय की। वार्ड-10 निवासी मेवा देवी और वार्ड-14 निवासी फूली देवी 100 साल की उम्र में मतदान करने पहुंचीं। संवाददाता ने विभिन्न पोलिंग बूथों पर पहुंचे बुजुर्गों से उनके मतदान के अनुभव को लेकर बातचीत की। पेश है एक रिपोर्ट...
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बुजुर्ग बोले : जरुरी था मतदान करना, अपनों का मिला साथ तो निभा दिया फर्ज
- मेरी उम्र 90 साल है। इस उम्र में घर से मतदान केंद्र तक पहुंचना मेरे लिए आसान नहीं है। बेटे ने कहा कि बाइक पर मतदान करा लाता हूं, लेकिन मैंने मना कर दिया। इसके बाद बेटा मुझे गोद में उठाकर मतदान केंद्र तक पहुंचा। इसी की बदौलत में मतदान कर पाई।
- केला देवी, वाल्मीकि नगर।
- मेरी उम्र 100 वर्ष हो चुकी है। सुबह ही मैंने अपने बच्चों को मतदान केंद्र पर ले जाने के लिए कहा था। इसके बाद पुत्रवधु मुझे मतदान केंद्र तक लाई है। मैं लगातार मतदान करती आ रही हूं और इस बार भी मतदान करके बेहद अच्छा लगा।
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- फूली देवी, वार्ड-14
- 100 साल की उम्र में मतदान केंद्र तक पहुंचना आसान नहीं है और इसके चलते मैं अपने पोते के साथ मतदान केंद्र पर आई हूं। इस उम्र में ज्यादा चल फिर नहीं सकती, लेकिन मताधिकार का प्रयोग करने से भी पीछे नहीं हट सकती।
- मेवा देवी, वार्ड-10
- मेरी उम्र 93 साल है। मैं हर साल मतदान करती हूं और इस बार भी परिजनों के साथ मतदान केंद्र तक पहुंची हूं। केंद्र के बाहर व्हील चेयर की व्यवस्था से अंदर आने-जाने में काफी सुविधा मिली। मेरा प्रयास रहेगा कि मरते दम तक मतदान करूं।
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- बख्तावरी देवी, वार्ड-18
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