चरखी दादरी। टोक्यो ओलंपिक में पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रहीं विनेश फौगाट ने अपने खेल से देशवासियों को निराश किया। विनेश क्वार्टर फाइनल मुकाबला हारते ही स्वर्ण पदक की दौड़ से बाहर हो गईं, जबकि कांस्य पदक की उम्मीद विनेश के हराने वाली पहलवान के अगली बाउट हारते ही टूट गई। विनेश को अब बिन पदक के वापस लौटना पड़ेगा। इससे पिछले ओलंपिक में भी विनेश को घुटने की चोट के कारण बीच मैच मेट छोड़ना पड़ा था। रियो ओलंपिक में मिले दर्द पर टोक्यो ओलंपिक में मरहम लगाने का विनेश के पास सुनहरा अवसर था, जिसे उसने गवां दिया।
विनेश ने टोक्यो ओलंपिक में 53 किलोग्राम भारवर्ग में देश का प्रतिनिधित्व किया। विश्व की नंबर एक महिला पहलवान होने के कारण न केवल परिजनों, बल्कि पूरे देश को विनेश से पदक की उम्मीद थी। सुबह आठ बजे विनेश की पहली बाउट स्वीडन की महिला पहलवान सोफिया मैटसन से हुई। इस बाउट को विनेश ने आसानी से 7-1 से जीत लिया और क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। इससे अगली बाउट में विनेश की खेल लय बिगड़ी नजर आई और प्रतिद्वंदी पहलवान उन पर भारी पड़ी। विनेश ये मैच हार गईं और स्वर्ण या रजत पदक की दौड़ से बाहर हो गईं। जिस पहलवान ने विनेश को हराया था अगर वो अपनी आउट जीकर फाइनल में प्रवेश कर जाती तो विनेश का कांस्य पदक के लिए मुकाबला होता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। विनेश को पटखनी देनी वाली पहलवान बाउट हार गई और विनेश के कांस्य पदक लाने की उम्मीद भी टूट गई।
नहीं हुआ ओलंपिक के पदक का सूखा दूर
विनेश फौगाट से पिछले रियो ओलंपिक में भी पदक की उम्मीद थी और उस दौरान वो खेली थी बेहतर थीं। उस ओलंपिक में बाउट के दौरान विनेश को घुटने पर चोट लग गई थी, जिसके चलते उसे मेट छोड़ना पड़ा था। इस बार विनेश के ओलंपिक में पदक का सूखा खत्म करने की उम्मीद थी, लेकिन हुआ इसके उल्ट।
महाबीर बोले: विनेश की इतनी घटिया कुश्ती मैंने आज तक नहीं देखी
विनेश के खेल से न केवल देशवासियों को धक्का लगा बल्कि विनेश के शुरुआती कोच एवं ताऊ द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर फौगाट भी खफा नजर आए। मीडिया से रूबरू होते हुए महाबीर फौगाट ने कहा कि हार-जीत तो खेल का हिस्सा है, लेकिन विनेश ने क्वार्टर फाइनल में जो खेल दिखाया, उसकी कतई उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि विनेश ने अब तक करियर की सबसे खराब कुश्ती खेली।
घर पर विनेश का क्वार्टर फाइनल देखते परिजन।- फोटो : CharkhiDadri