फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झूठा केस दर्ज करने पर मानवाधिकारी ने तत्कालीन चौकी प्रभारी से पीड़ित को दिलवाया 40 हजार का मुआवजा

विज्ञापन
विज्ञापन
एक युवक पर झूठा मामला दर्ज कर यातनाएं देने पर मानवाधिकारी आयोग ने तत्कालीन चौकी प्रभारी से पीड़ित को 40 हजार रुपये मुआवजा के तौर पर दिलवाए हैं। पीड़ित को हरियाणा पुलिस महानिदेशक की तरफ से मुआवजा राशि का चेक प्राप्त हुआ है। मुआवजा राशि तत्कालीन चौकी प्रभारी के वेतन से काटी जाएगी। युवक पर फर्जी मामला दर्ज करने की घटना 2018 की है।
विज्ञापन

अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि दादरी निवासी संदीप कुमार उर्फ बिट्टू को हरियाणा पुलिस विभाग (पुलिस महानिदेशक) के माध्यम से चालीस हजार रुपये का चेक बतौर मुआवजा मिला है। पुलिस विभाग ने कर्मचारी एसआई राजकुमार के सैलरी अकाऊंट से यह राशि काटकर पीड़ित युवक को मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर दिया है।
संजीव तक्ष ने बताया कि यह मामला 2018 का है। तत्कालीन बस स्टैंड चौकी इंचार्ज एएसआई राजकुमार ने संदीप उर्फ बिट्टू पर वर्दी फाड़ने व पुलिस कार्य में बाधा डालने और एक्साइज एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में संदीप ने बताया कि उस समय पुलिस ने उसके ऊपर झूठा केस दर्ज किया था और उसके साथ रात को अमानवीय यातनाएं देकर मारपीट की गई। संदीप ने बताया कि इस मामले में जब उसे कोर्ट में पेश किया गया तो उसने न्यायाधीश को पुलिस यातना व मारपीट से आई सभी चोटें दिखाईं और दोबारा मेडिकल बोर्ड से मेडिकल करवाने की अर्जी लगाई थी। उसके बाद कोर्ट आदेश पर उसका मेडिकल दोबारा हुआ और री-मेडिकल में शरीर पर चोटें मिलीं। इसके बाद उसने पुलिस अधिकारियों को शिकायत कर बताया कि एएसआई राजकुमार ने उसके खिलाफ झूठा मुकदमा बनाया है और तत्कालीन थाना शहर थाना प्रबंधक, एएसआई और दो-तीन सिपाहियों ने उसके साथ मारपीट की और चोटें मारी।
विज्ञापन

पहले एएसआई को किया सस्पेंड, फिर मिली पदोन्नित
पीड़ित के वकील संजीव तक्षक ने बताया कि पीड़ित के शिकायत देने के बाद पुलिस ने तत्कालीन एएसआई राजकुमार को सस्पेंड कर दिया था लेकिन उसके खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया बल्कि विभाग ने कुछ दिन बाद एएसआई को एसआई की पदोन्नति दे दी।
लोकायुक्त और मानवाधिकार आयोग में दायर की इस्तगासा
अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि पीड़ित ने लोकायुक्त हरियाणा, मानवाधिकार आयोग व कोर्ट में इस्तगासा दायर कर उचित कार्रवाई की मांग की। इसकी शिकायत पर मानव अधिकार आयोग के निर्देश पर पुलिस विभाग ने बतौर मुआवजा उसे 40 हजार रुपये का चेक दिया है।
कोर्ट से भी न्याय मिलने की उम्मीद
अधिवक्ता संजीव तक्षक ने बताया कि उनकी लड़ाई अभी अधूरी है। पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा दायर कर रखी है जिसमें कोर्ट से उचित न्याय मिलने की उम्मीद है। संजीव तक्षक ने बताया कि कानून की नजर में गलत करने वाले सब बराबर हैं चाहे वह जो कोई हो। कई बार पुलिस मनमानी करती है, जो कि गलत है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें