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Charkhi Dadri News: डीसी-एसपी की अगुवाई, बिजली ने पांच बार छुट्टी मनाई, अंधेरे में हुई सुनवाई, डुडीवाला नंदकरण गांव में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में पढ़ीं शिकायतें

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डुडीवाला नंदकरण में रात्रि ठहराव के दौरान बिजली गुल होने पर मोबाइल टॉर्च जलाकर ​शिकायत पढ़ते डी
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चरखी दादरी। डुडीवाला नंदकरण गांव में सोमवार शाम करीब 7 बजे जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान के लिए रात्रि ठहराव कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त मुनीश शर्मा और पुलिस अधीक्षक अर्श वर्मा ने ग्रामीणों की शिकायतें सुनीं। कार्यक्रम के दौरान दो घंटे की अवधि में 5 बार बिजली गुल होने से अधिकारियों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में शिकायतें पढ़नी पड़ीं।
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कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे गांव के राजकीय स्कूल में हुई। लगभग 15 मिनट बाद ही बिजली चली गई और जनरेटर चालू करने में पांच मिनट का समय लग गया। गर्मी और उमस के कारण अधिकारी व ग्रामीण पसीने से तर-बतर हो गए। हालांकि, थोड़ी देर बाद बिजली बहाल हो गई, जिससे बिजली निगम के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। कुछ देर राहत मिलने के बाद बिजली फिर चली गई। कार्यक्रम के दौरान बिजली 5 बार गई। अंतिम शिकायतों की सुनवाई मोबाइल टॉर्च की रोशनी में करनी पड़ी। इस दाैरान बिजली, पानी, फिरनी समेत 26 शिकायतें पहुंचीं।
जलभराव की शिकायत पर सोखता गड्ढा बनाने के लिए किया प्रेरित
जलभराव की समस्या सुनते हुए उपायुक्त मुनीश शर्मा ने गांव के रिहायशी क्षेत्र में सोखता गड्ढा तकनीक को अपनाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि डुडीवाला नंदकरण गांव की पंचायत इसे लेकर प्रयास करे और दूसरे गांवों के लिए नजीर बने। सोखता गड्ढा एक प्रकार की जल संचयन प्रणाली है जो वर्षा जल को जमीन में सोखने और भूजल को पुनर्भरण करने के लिए डिजाइन की गई है। यह प्रणाली विशेष रूप से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के लिए उपयोगी है। उपायुक्त मुनीश ने जलभराव की समस्या सुनते हुए यह बात कही।
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किसानों से की मिश्रित खेती करने की अपील
उपायुक्त ने इस दौरान किसानों से मिश्रित खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिश्रित खेती से कमाई के साधन बढ़ाए जा सकते हैं। यह एक ऐसी कृषि पद्धति है जिसमें एक ही खेत में विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं और इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है। इससे पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाया जा सकता है। विभिन्न तरह की फसलें मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार करने में भी मदद करती हैं।
ज्यादातर शिकायतों का मौके पर हुआ समाधान
उपायुक्त ने बताया कि रात्रि ठहराव जनसंवाद कार्यक्रम में आईं ज्यादातर शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष शिकायतों के समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीणों की हर समस्या का निवारण करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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