चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य विभाग लंबे अरसे के के बाद जिले के जलघरों की खामियां दूर करने जा रहा है। इसके लिए योजना तैयार की जा चुकी है और सरकार ने भी इसे हरी झंडी दिखा दी है। जल जीवन मिशन के तहत करीब 40 करोड़ रुपये से 40 जलघरों की मरम्मत समेत अन्य कार्य करवाए जाएंगे। कुछ जलघरों की टेंडर प्रक्रिया भी सिरे चढ़ चुकी है। जलघरों की दशा सुधरने से जिले के करीब तीन लाख लोगों को फायदा होगा।
दादरी जिले में 58 जलघर हैं और इनमें से ज्यादातर तीन से चार दशक पुराने हैं। करीब 12 साल पहले जिले में दस से अधिक जलघरों का निर्माण करवाया गया था। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग की 97 करोड़ से 37 गांवों में बूस्टर समेत एक बड़ा जलघर बनाने की योजना अभी पाइपलाइन में है। दूसरी ओर जल जीवन मिशन के तहत अब विभाग ने जर्जर जलघरों की भी सुध ली है। इसके तहत जिले के 40 जलघरों में मरम्मत कार्य करवाया जाना है। कुछ जलघर तो ऐसे हैं, जिनमें पानी की गुणवत्ता बेहद खराब है और इसे देखते हुए विभाग यहां मीडिया फिल्टर भी बदलवाएगा। शहर का चंपापुरी जलघर भी इसमें शामिल है। विभागीय सूत्रों के अनुसार कुछ जलघरों में काम शुरू करवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है और जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है। वहीं, विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन ेंएक शहरी और 39 ग्रामीण क्षेत्रों के जलघरों की सूची तैयार की जा चुकी है ।
प्रत्येक जलघर पर खर्च होगी एक करोड़ की राशि
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक जलघर की खामियां दूर करवाने पर एक करोड़ की राशि खर्च होगी। इसके तहत जलघरों के कंडम टैंकों की मरम्मत के अलावा जर्जर पाइपलाइन बदलना शामिल हैं। कुछ जलघरों में मीडिया फिल्टर भी बदलवाया जाना है। जलघरों की क्षतिग्रस्त चाहरदीवारी का भी इसके तहत निर्माण करवाया जाएगा।
रुकेगी पानी की बर्बादी, स्वच्छ पेयजल की होगी आपूर्ति
कई जलघरों के टैंकों की तलहटी कंडम होने से पानी का रिसाव हो रहा है। ये जलघर भरने के कुछ दिन बाद ही खाली हो जाते हैं। टैंक जर्जर होने से दूषित पानी की आपूर्ति भी हो रही है और लोगों को इससे भी छुटकारा मिलेगा। नहरों से जलघरों तक पानी पहुंचाने वाली लाइन जर्जर होने से भी पानी की बर्बादी हो रही है और पाइपलाइन बदलने के बाद इस पर भी रोक लगेगी।
40 जलघरों के मरम्मत कार्य पर करीब 40 करोड़ की राशि खर्च होनी है। जल जीवन मिशन के तहत जलघरों की दशा सुधारी जाएगी और जल्द ही धरातल पर यह काम पूरा करवाने की हमारी योजना है।
मनोज रोहिल्ला, जेई, जनस्वास्थ्य विभाग