पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि 26 नवंबर की रात झोझूकलां थाना पुलिस टीम रात के समय गश्त कर रही थी। टीम जब चांगरोड के समीप पहुंची तो एक आल्टो सड़क के बीचोंबीच खड़ी मिली। इसके चलते यातायात व्यवस्था प्रभावित थी। पुलिस कर्मचारी जब आल्टो के पास पहुंचे तो उसमें एक महिला व एक पुरुष सवार मिले जो पति-पत्नी थे। आल्टो चालक ने खुद को सैन्यकर्मी बताया। पुलिस टीम का आरोप था कि जब उससे सड़क से आल्टो तत्काल हटाने की बात कही तो वो पुलिस टीम से उलझ पड़ा। उसने न केवल दुर्व्यवहार किया बल्कि फोन कर अपने समीपवर्ती गांव से ही अन्य परिजनों को बुला लिया। इसके बाद पुलिस टीम से मारपीट की गई और तीनों जवानों के मोबाइल भी छीने गए। घायल तीन पुलिस कर्मचारियों में से एक को सिविल अस्पताल से रेफर किया गया था।
झोझूकलां थाना पुलिस ने इस संबंध में घायल पुलिस कर्मचारियों की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस प्रवक्ता पवन कुमार ने बताया कि इस हमले में शामिल दो महिलाओं को झोझूकलां थाना पुलिस टीम ने लोहारू चौक से गिरफ्तार किया और सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाने के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।