चरखी दादरी। पिछले दो दिनों से अनाज मंडी में किसानों की संख्या और फसलों की आवक बढ़ी है। इसके बावजूद मार्केट कमेटी के अधिकारी मंडी परिसर में पानी के पुख्ता प्रबंध नहीं कर पाए हैं। आलम यह है कि एक टंकी सूखी पड़ी है, जबकि दो में गर्म पानी है। वहीं, शनिवार को सरकारी लैब की मशीन में तकनीकी खराबी आने के चलते किसान सरसों गुणवत्ता की जांच नहीं करवा पाए। उन्हें निजी लैब पर 100 रुपये चुकाकर सरसों की गुणवत्ता की जांच करवानी पड़ रही है। मंडी पहुंचे किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया।
पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन करीब 500 किसान मंडी अपनी फसल लेकर पहुंच रहे हैं। यहां पीने के पानी के प्रबंध न होने से उन्हें परेशानियां झेलनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि लगातार तापमान 42 डिग्री से ऊपर चल रहा है और ऐसे में अधिकारी उनके लिए ठंडे पानी का प्रबंध करने में नाकाम है और इसका खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि करीब 200 मीटर के दायरे में अनाज मंडी में पानी की चार टंकी हैं, लेकिन इनमें से एक में ही ठंडे पानी की व्यवस्था है। अनाज मंडी परिसर में बने शौचालय में भी पानी की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण किसान शौचालय इस्तेमाल करने से से कतरा रहे हैं। इतना ही नहीं किसानों के अलावा यहां काम करने वाले श्रमिक भी परेशान हैं।
सरसों की गुणवत्ता जांचने के लिए एक ही सरकारी लैब
सरसों की गुणवत्ता जांचने के लिए अनाज मंडी में एक सरकारी लैब है। यहां किसान निशुल्क सरसों की जांच करवा सकते हैं। शनिवार को लैब की मशीन में तकनीकी खराबी आ गई और इसके चलते यहां सरसों जांच कार्य नहीं किया जा सका। मजबूरीवश किसानों ने प्राइवेट लैब पर जाकर सरसों गुणवत्ता की जांच करवाई और इसके बदले उन्हें 100 रुपये देने पड़े।
श्रमिक बोले - टंकी और शौचालय में नहीं पानी, हो रही परेशानी
खरीद सीजन में अधिकारियों ने मंडी पहुंचने वाले किसानों व श्रमिकों के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं किए हैं। मंडी परिसर स्थित टंकियों में ठंडा पानी नहीं है, जबकि शौचालय की टोंटी से भी पानी नहीं आ रहा। - दुखी पासवान, श्रमिक
पिछले दो दिनों से तो टंकी में पीने का पानी ही नहीं आ रहा है। इसके अलावा कभी गर्म तो कभी ठंडा पानी टंकी से आता है। ऐसे में यहां काम करने वाले श्रमिकों को परेशानी हो रही है। - छोटू, श्रमिक
किसान बोले : लैब की मशीन खराब, बाहर करवानी पड़ी गुणवत्ता जांच
सरसों का लैब टेस्ट करवाने के लिए मैं आया था लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि मशीन खराब है। अब प्राइवेट लैब पर जाकर 100 रुपये अदा कर सरसों गुणवत्ता की जांच करवानी पड़ेगी। - बिल्लू, किसान
तीन जगहों की सरसों का लैब टेस्ट करवाने के लिए आया था, लेकिन सरकारी लैब में मशीन खराब है और अब मुझे प्राइवेट लैब पर जाकर सरसों गुणवत्ता की जांच करवानी पड़ेगी। - संदीप, किसान
अनाज मंडी की टंकियों में पानी है। अगर फिर भी कोई दिक्कत है तो जल्द ही समाधान करवा दिया जाएगा। - बसंत कुमार, सचिव, मार्केट कमेटी