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कॉलेज ड्राप आउट में छात्राओं के मुकाबले छात्रों की संख्या तीन गुना अधिक

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शहर का जनता महाविद्यालय। - फोटो : CharkhiDadri
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चरखी दादरी। जिले में कॉलेज ड्राप आउट विद्यार्थियों की संख्या बढ़ना चिंताजनक है। गत बैच के आंकड़ों पर गौर करें तो 15 प्रतिशत छात्राओं ने कॉलेज ड्राप आउट किया जबकि छात्रों की संख्या 45 प्रतिशत रही। ऐसे में स्पष्ट है कि छात्राओं के मुकाबले तीन गुना छात्र स्नातक की पढ़ाई बीच में छोड़ रहे हैं। यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। शिक्षकों ने इसके पीछे कई कारण बताए हैं।
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संवाददाता ने 2019 से 2021 बैच के आंकड़ों की जानकारी जुटाई तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। आंकड़ों का अध्ययन करने पर पाया गया कि शहर के जनता कॉलेज में 2019-20 के कला संकाय के बैच में 325 छात्रों ने प्रथम वर्ष में दाखिला लिया। वहीं, द्वितीय वर्ष में इनमें से 232 छात्रों ने ही दाखिला लेने में दिलचस्पी दिखाई जबकि तीसरे वर्ष यह संख्या घटकर 175 पहुंच गई। वहीं, अब अगर छात्राओं की संख्या की बात करें तो गत बैच के अंदर प्रथम वर्ष में 192 छात्राओं ने दाखिला लिया था। दूसरे वर्ष यह संख्या 170 और तीसरे साल 165 पहुंच गई।
इसी प्रकार विज्ञान संकाय की बात करें तो स्नातक नॉन मेडिकल कोर्स में 2019-20 में 61 छात्रों ने दाखिला लिया। दूसरे वर्ष छात्र संख्या 40 रह गई और अंतिम वर्ष तक छात्र संख्या महज 33 रह गई। वहीं, छात्राओं की बात की जाए तो प्रथम वर्ष में 62 छात्राओं ने दाखिला लिया। दूसरे वर्ष में 56 और तीसरे वर्ष में 55 छात्राओं ने दाखिला लिया। दोनों संकायों के ड्राप आउट आंकड़े देखें तो छात्राओं के मुकाबले छात्रों की संख्या ज्यादा रही। संवाद
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- कोर्स के दूसरे वर्ष में ज्यादा ड्राप आउट कर रहे विद्यार्थी
संवाददाता की पड़ताल में सामने आया कि कला और विज्ञान संकाय में दूसरे वर्ष में ड्राप आउट संख्या सबसे अधिक है। कला संकाय में छात्रों की बात करें तो दूसरे वर्ष में 93 और तीसरे वर्ष में 47 छात्रों ने कॉलेज छोड़ा। इसी प्रकार अगर छात्राओं के आंकड़े देखें तो दूसरे वर्ष में 22 और तीसरे वर्ष में 5 छात्राओं ने कॉलेज छोड़ा।
-रोजगार की तलाश या फिर रि-अपीयर के कारण बीच में छोड़ रहे कोर्स
छात्रों की ड्राप आउट संख्या ज्यादा होने पर जब इस बारे में शिक्षक व कुछ छात्रों से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि अधिकतर छात्र रोजगार के लिए बीच में ही अपना कोर्स छोड़ देते हैं। इसके अलावा कुछ छात्रों के प्रथम वर्ष में रिअपीयर आने पर वो दूसरे वर्ष में दाखिला नहीं लेते। इसके अलावा कुछेक विद्यार्थी किसी दूसरे मनपसंदीदा बड़े संस्थान में दाखिला न होने तक अपना साल बचाने के चक्कर में किसी भी कोर्स में दाखिला लेना सुनिश्चित कर लेते हैं और उनके मनपसंदीदा संस्थान में दाखिला होने पर पहले वाले संस्थान को छोड़कर चले जाते हैं।
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जनता कॉलेज में गत बैच में ये रही दाखिलों की स्थिति
संकाय- साल- छात्र संख्या- छात्राओं की संख्या
कला- प्रथम- 325- 192
कला- द्वितीय- 232- 170
कला- तृतीय- 175- 165
संकाय -साल- छात्र संख्या- छात्राओं की संख्या
विज्ञान- प्रथम- 61- 62
विज्ञान- द्वितीय- 40- 56
विज्ञान- तृतीय- 33- 55
संकाय -साल- छात्र संख्या- छात्राओं की संख्या
बीकॉम- प्रथम- 41- 45
बीकॉम- द्वितीय- 31- 42
बीकॉम- तृतीय- 28- 42
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