चरखी दादरी। कांग्रेस नेत्री एवं पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने किसान आंदोलन, खाद की कमी व बढ़ती महंगाई व बेरोजगारी को लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डीएपी के लिए हाहाकार मची है और सरकार को किसानों की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि खाद न मिलने के चलते फसलों की बिजाई का समय बीत रहा है लेकिन सरकार इस पर चुप्पी साधे हुए है। कृषि मंत्री बार-बार कह रहे हैं कि खाद की कोई कमी नहीं है, लेकिन स्थिति इसके बिलकुल विपरीत है। किसानों को सुबह से लेकर शाम तक सरकारी खरीद केंद्रों के बाहर खाद के लिए इंतजार करना पड़ता है।सरकार केवल जनता को गुमराह करने में जुटी है।
उन्होंने कहा कि सरकार दावे करती नहीं थकती कि तीनों कृषि कानून किसानों के हक में है, लेकिन ये कानून लागू होने से पहले ही इनके विपरीत प्रभाव दिखाई देने लगे हैं। किसानों को न तो फसलों के दाम मिल रहे हैं और न ही उनके नुकसान की भरपाई हो रही है। सरकार की भावांतर योजना पूरी तरह से फेल हो गई है। किसानों को 1100 रुपये में बाजरा बेचना पड़ रहा है।