फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Charkhi Dadri News: गांधी नगर में जलभराव से जर्जर हुए मकान की दीवार गिरी, नीचे दबी चार गायों को वार्डवासियों ने 10 मिनट बाद निकाला बाहर

Sat, 15 Jul 2023 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। सीसीआई परिसर में की जा रही पानी निकासी से गांधी नगर के लोगों की रोजाना परेशानी बढ़ रही है। परिसर में बढ़ता जलस्तर वार्ड के करीब 100 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा रहा है। शनिवार को नमी से जर्जर हुए एक मकान की छत गिर गई। मकान में बंधी चार गाय मलबे के नीचे दब गई। हादसे के तुरंत बाद गांधी नगर के लोग बचाव कार्य में जुट गए और 10 मिनट की मशक्कत के बाद चारों गायों को बाहर निकाला।
विज्ञापन

गांधी नगर में जलभराव के चलते पांच माह में यह दूसरा हादसा हुआ है। वार्ड पार्षद मुनेश दहिया समेत अन्य लोगों का कहना है कि शनिवार सुबह साढ़े 9 बजे हुई घटना की सूचना 10 बजे प्रशासन और पुलिस को दी गई। सूचना देने के कुछ देर बाद ही पुलिस की डायल 112 टीम और सिटी थाना से एसआई राजकुमार अपनी टीम समेत मौके पर पहुंच गए जबकि प्रशासन के संज्ञान में मामला लाने के बाद भी कोई नहीं पहुंचा।
पार्षद मुनेश देवी ने बताया कि करीब 11 बजे एसडीएम नवीन को दोबारा और साढ़े 12 बजे तीसरी बार फोन किया गया। उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे फोन करने पर एसडीएम नवीन कुमार ने मौके पर किसी को भेजने की बात कही थी, लेकिन वहां कोई नहीं आया। पार्षद मुनेश देवी ने बताया कि दोपहर बाद नायक तहसीलदार और पटवारी का उनके पास फोन आया। उन्होंने सोमवार को मौका देखने की बात कही।
विज्ञापन

बता दें कि सीसीआई परिसर में छोड़े जा रहे पानी के चलते गांधी नगर में बने विकट हालातों को अमर उजाला ने तीन दिन पहले प्रमुखता से उठाया था। अमर उजाला ने 13 जुलाई के संस्करण में प्रशासन और जनस्वास्थ्य विभाग के खिलाफ फूटा गुस्सा शीर्षक से गांधी नगर के लोगों की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उसके दो दिन बाद ही यानि 15 जुलाई की सुबह ही एक मकान की छत गिर गई।

- खुद का मकान हुआ क्षतिग्रस्त तो किराये के मकान में शिफ्ट हुआ परिवार
दरअसल जिस मकान की दीवार गिरी है उसमें राजेश अपनी पत्नी इंद्रो देवी और चार बच्चों के साथ रहता था। मकान के समीप दो साल तक लगातार पानी भरा रहने से क्षतिग्रस्त होना शुरू हो गया। इसके बाद राजेश अपने परिवार के साथ किराये के मकान में शिफ्ट हो गया जबकि इस मकान में वो पशु बांधने लगा। राजेश की तरह ही स्थानीय कई परिवार अपना स्वयं का मकान होते हुए दूसरों के मकानों में किराये पर रहने को विवश हैं।

- 10 और घरों में आई हैं दरारें, गिरने का अंदेशा
वार्ड पार्षद मुनेश दहिया ने बताया कि राजेश के मकान के अलावा यहां दस और घरों में दरारें आई हुई हैं। कई मकानों की दरारें तो काफी गहरी हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति से वाकिफ होते हुए भी प्रशासन शहर के अन्य क्षेत्रों का पानी सीसीआई परिसर में निकाल रहा है। जिसके चलते अब तक गांधी नगर के 200 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। किसी मकान की दीवारों में नमी आने से टाइलें उखड़ गई हैं तो किसी की दीवारों और छतों में दरारें आने के साथ फर्श क्षतिग्रस्त हो चुका है।

- दूसरा हादसा होने पर रविवार को बैठक कर लेंगे अगला निर्णय
दरअसल फरवरी माह में सीसीआई परिसर में भरे पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी। इसके बाद यह मामला सीएम मनोहर लाल के संज्ञान में लाया गया था। उन्होंने पानी निकासी बंद करने और सीसीआई में निकाले गए पानी की निकासी के आदेश दिए थे। जून के अंत और जुलाई की शुरुआत में हुई बारिश के चलते शहर में जलभराव होने पर प्रशासन को दोबारा से सीसीआई परिसर में पानी छोड़ना पड़ा और अब भी निकासी लगातार जारी है। इससे गांधी नगर का जलस्तर बढ़ रहा है और अब लोग रविवार को बैठक कर कोई ठोस निर्णय लेंगे।

सीसीआई परिसर में छोड़े गए पानी से गांधी नगर में दूसरा हादसा हुआ है। कई मकानों को जलभराव से नुकसान पहुंच चुका है। प्रशासन एतराज जताने के बाद भी निकासी कर रहा है। रविवार को वार्ड के मौजिज लोग बैठक कर कोई कड़ा निर्णय लेंगे। सीसीआई परिसर का पानी गांधी नगर के घरों तक पहुंच चुका है और लोग बेहद परेशान हैं। हमारी मांग है कि जिन लोगों के घरों को नुकसान हुआ है प्रशासन उन्हें मुआवजा दे ताकि वो दोबारा से अपने घर बना सकें।
विज्ञापन

मुनेश दहिया, पार्षद, गांधी नगर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें