गेटपास नहीं कटने से क्षुब्ध एकत्रित किसान।
चरखी दादरी। शहर की नई अनाज मंडी में बाजरा की फसल बेचने के लिए सुबह पांच बजे से कतार में लगे किसानों को पोर्टल नहीं चलने के कारण अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस कारण दोपहर एक बजे किसानों के गेटपास कटने शुरू हुए।
किसानों का कहना है कि सरकार की ओर से बाजरा बेचने के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने की प्रक्रिया लागू करने से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने बताया कि फसल का ब्योरा पोर्टल पर अपडेट करने में काफी समय लगता है, जो किसानों के खेती संबंधी कार्यों में बाधक बना हुआ है।
10 दिन से बढ़ी बाजरे की आवक : अनाज मंडी में पिछले 10 दिनों से बाजरा की आवक लगातार बढ़ती जा रही है। हालात ऐसे बने हैं कि किसान बाजरा बेचने के लिए सुबह पांच बजे से ही मंडी के बाहर ट्रैक्टरों को लाइन में खड़ा करना शुरू कर देते हैं। मंडी के कर्मचारियों और अधिकारियों के आने तक ट्रैक्टरों की लाइन एक किलोमीटर तक पहुंच जाती है।
गेटपास काटना बना सिरदर्द : किसानों को फसल बेचने के लिए मंडी परिसर में ही अपने मोबाइल एप से मेरी फसल- मेरा ब्योरा पोर्टल रजिस्टर करना पड़ता है, इसके बाद फोन पर ओटीपी आता है जो नंबर को मार्केट कमेटी कर्मचारी से साझा करना पड़ता है। इसके बाद कर्मचारी किसान के मोबाइल से डाटा स्कैन कर गेटपास जारी होता है। लगभग 20 मिनट की प्रक्रिया के बाद ही किसानों को बाजरा बेचने के लिए गेटपास जारी होता है।